शिक्षकों के अवकाश रद्द करने के आदेश पर विरोध तेज, संघ ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की
फिरोज खान/यूपी हेड
बब्यूरो रिपोर्ट/राजेश सिंह
मेडिकल लिव पर चल रहे शिक्षकों पर संकट, आदेश वापस लेने की अपील
बरेली। जिला प्रशासन की ओर से बुलाई गई प्रशासनिक बैठक के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में अवकाश नीति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) द्वारा जारी आदेश में मातृत्व अवकाश को छोड़कर सभी प्रकार के अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। इस आदेश से शिक्षकों में रोष फैल गया है और विरोध तेज हो गया है।
उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर इस आदेश पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन के मंडल अध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि बीएसए का आदेश कई शिक्षकों के लिए गंभीर समस्या खड़ी कर सकता है।
उन्होंने कहा कि कई शिक्षक पहले से ही मेडिकल लीव पर हैं और चिकित्सकीय सलाह पर आराम कर रहे हैं। ऐसे में उनका अवकाश निरस्त करना उनके स्वास्थ्य के लिए जोखिमभरा होगा। डॉ. शर्मा ने यह भी कहा कि परिषदीय शिक्षक हमेशा से प्रशासन द्वारा दिए गए सभी कार्यों को पूरी निष्ठा और समयबद्ध तरीके से पूरा करते आए हैं।
संगठन ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि खंड शिक्षा अधिकारियों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को चिकित्सकीय अवकाश (Medical Leave) स्वीकृत करने के लिए पुनः अधिकार प्रदान किए जाएं, ताकि बीमार शिक्षकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
शिक्षकों का कहना है कि अवकाश निरस्तीकरण के इस आदेश से कार्यस्थल पर अनिश्चितता और असंतोष बढ़ रहा है, जिसे तत्काल प्रभाव से पुनर्विचारित किया जाना आवश्यक है।


