‘हस्ताक्षर से चल रहे बूचड़खाने’: शंकराचार्य का सरकार पर तीखा हमला, 1 मई से करेंगे विधानसभा भ्रमण
गोहत्या रोकने के दावे पर उठाए सवाल • संत समाज को राजनीति से दूर बताया • चुनाव से पहले सनातन समाज से सजग रहने की अपील
रिपोर्ट राजेश सिंह
बरेली।प्रदेश में गोहत्या और बूचड़खानों के मुद्दे को लेकर शंकराचार्य ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बूचड़खाने मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर से संचालित हो रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। उनका कहना है कि सरकार ने गोहत्या रोकने का वादा किया था, लेकिन जमीन पर इसका असर दिखाई नहीं दे रहा है।
शंकराचार्य ने कहा कि विदेशी बाजारों में खुलेआम गोमांस बिक रहा है, जो प्रदेश और देश की धार्मिक भावनाओं के लिए शर्मनाक है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार ने गोवंश की रक्षा का संकल्प लिया था, तो फिर ऐसी स्थितियां क्यों पैदा हो रही हैं।
संत समाज राजनीति के लिए नहीं
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संत समाज का उद्देश्य केवल लोक कल्याण और धर्म की रक्षा है, न कि राजनीति करना। उन्होंने कहा कि धर्म और राजनीति की शपथ अलग-अलग होती हैं और एक संन्यासी दोनों जिम्मेदारियां एक साथ नहीं निभा सकता।
शंकराचार्य ने यह भी कहा कि संत समाज समाज को सही दिशा दिखाने का काम करता है और जनता को जागरूक करना उसका कर्तव्य है।
चुनाव से पहले साधु समाज का संदेश
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर शंकराचार्य ने कहा कि जनता को ऐसी सरकार चुननी चाहिए जो गोहत्या पर पूरी तरह रोक लगाने की इच्छाशक्ति रखती हो। उन्होंने सनातन समाज से इस मुद्दे पर सजग रहने और धर्महित में सोच-समझकर निर्णय लेने की अपील की।
1 मई से विधानसभा भ्रमण का ऐलान
शंकराचार्य ने घोषणा की कि वह 1 मई से प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करेंगे। इस दौरान वह लोगों को जागरूक करेंगे कि प्रदेश और धर्महित में कैसी सरकार आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य समाज को जागरूक करना और गोवंश संरक्षण के प्रति लोगों को प्रेरित करना है।


