300 बेड अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर सपा प्रवक्ता मयंक शुक्ला ‘मोंटी’ ने उठाए सवाल
रिपोर्ट /सत्य प्रकाश
बरेली। शहर के 300 बेड अस्पताल की अव्यवस्थित व्यवस्थाओं को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मयंक शुक्ला ‘मोंटी’ ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने अस्पताल परिसर का निरीक्षण कर एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें अस्पताल की स्थिति, डॉक्टरों की कमी और एंबुलेंस सेवा की हालत पर चिंता जताई गई है।
मयंक शुक्ला ने कहा कि 300 बेड अस्पताल समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के उद्देश्य से बनाया गया था। कोरोना महामारी के कठिन दौर में इस अस्पताल ने बड़ी संख्या में मरीजों के इलाज में अहम भूमिका निभाई थी और कोविड मरीजों के लिए यह एक बड़ा सहारा बना था।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में अस्पताल की स्थिति संतोषजनक नहीं है। इतने बड़े अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी बनी हुई है, जिससे मरीजों को उचित उपचार मिलने में परेशानी हो रही है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर वह कौन-सी “डॉक्टर लॉबी” है जिसकी वजह से आज तक यहां पर्याप्त और योग्य डॉक्टरों की तैनाती नहीं हो सकी।
सपा प्रवक्ता ने अस्पताल परिसर में खड़ी 108 एंबुलेंस सेवा की एक एंबुलेंस की जर्जर हालत पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि आपातकालीन सेवाओं के लिए एंबुलेंस की अच्छी स्थिति बेहद जरूरी होती है, लेकिन यहां खड़ी एंबुलेंस लंबे समय से खराब हालत में दिखाई दे रही है।
मयंक शुक्ला ने कहा कि समाजवादी पार्टी सरकार के समय शुरू की गई कई स्वास्थ्य योजनाएं आज भी आम जनता के लिए लाभकारी साबित हो सकती हैं, लेकिन यदि उनका सही संचालन न किया जाए तो उनका उद्देश्य अधूरा रह जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार इन व्यवस्थाओं को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दे रही है, जिससे लोगों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं।
उन्होंने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की कि 300 बेड अस्पताल में जल्द से जल्द पर्याप्त डॉक्टरों की नियुक्ति की जाए, चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत किया जाए और एंबुलेंस सेवाओं को दुरुस्त किया जाए, ताकि आम नागरिकों को समय पर बेहतर इलाज मिल सके।
सपा प्रवक्ता द्वारा उठाए गए इन सवालों के बाद अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
