33 करोड़ का हवाला ट्रांजेक्शन उजागर: 12 फर्जी फर्मों के जरिए चल रहा था खेल, बरेली पुलिस ने दो को दबोचा
रिपोर्ट/राजेश सिंह
बरेली। बोगस फर्मों के जरिए हवाला की रकम खपाने वाले एक बड़े नेटवर्क का बरेली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। भुता थाना पुलिस ने केसरपुर निवासी शाहिद और बारादरी के कांकर टोला निवासी अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों लोगों को झांसा देकर उनके नाम से बैंक खाते और फर्म खुलवाते थे और मेंथा कारोबार की आड़ में अवैध रकम का लेनदेन करते थे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने केसरपुर निवासी शब्बू के नाम से दो बैंक खाते खुलवाकर करीब 33 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन किया। जब पुलिस ने रकम के स्रोत के बारे में पूछताछ की तो दोनों आरोपी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। अब तक 12 फर्जी फर्मों का खुलासा हो चुका है, जिनका भौतिक सत्यापन करने पर वे अस्तित्व में ही नहीं मिलीं।
नीटू गुप्ता सरगना, डेढ़ करोड़ का आया नोटिस
पूछताछ में गिरोह के सरगना के रूप में शाहजहांपुर के जलालाबाद निवासी नीटू गुप्ता का नाम सामने आया है। पुलिस के अनुसार शाहिद और अमित उसी के इशारे पर काम कर रहे थे। मामले का खुलासा तब हुआ जब शब्बू को इनकम टैक्स विभाग से करीब डेढ़ करोड़ रुपये जमा करने का नोटिस मिला। इसके बाद शब्बू ने पुलिस से शिकायत की।
दो बैंकों में खाते, मेंथा कारोबार की आड़
आरोपियों ने शब्बू को बड़े कारोबार का सपना दिखाकर एचडीएफसी बैंक में करंट अकाउंट और पंजाब सिंध बैंक में सेविंग अकाउंट खुलवाया। इन्हीं खातों पर “सत्य साहब ट्रेडर्स” के नाम से फर्म बनाकर मेंथा ऑयल का कारोबार दिखाया गया। जांच में एचडीएफसी खाते में करीब 23.65 करोड़ और पंजाब सिंध बैंक खाते में करीब 10 करोड़ रुपये का लेनदेन मिला।
फर्जी बिलों में भारी अनियमितताएं
पुलिस को आरोपियों के पास से कई फर्जी इनवॉयस मिले हैं। जांच में सामने आया कि एक बिल में 12 ड्रम मेंथा ऑयल की बिक्री 31 लाख दिखाई गई, दूसरे में 19 ड्रम की बिक्री 47 लाख दर्शाई गई। एक बिल तो 65 लाख का ऐसा बनाया गया, जिसमें ड्रमों की संख्या तक नहीं लिखी गई। इन्हीं गड़बड़ियों से हवाला की आशंका गहरी हुई।
अलग-अलग जिलों में दर्ज फर्जी फर्में
अब तक सामने आई 12 फर्में बिथरी चैनपुर, शाहजहांपुर के तिलहर, फरीदपुर, बदायूं के दातागंज समेत अलग-अलग जगहों पर पंजीकृत दिखाई गईं, लेकिन जांच में ये फर्म कहीं भी मौजूद नहीं पाई गईं। कुछ फर्मों में आरोपियों ने अपने रिश्तेदारों को प्रोपराइटर बनाया था।
जांच जारी, और नाम आने की संभावना
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। जिन लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाए गए हैं, उनसे भी पूछताछ कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
