आंगनबाड़ी केंद्र पर दाल में फफूंदी मामला: डीपीओ ने की सख्त कार्रवाई, अब सुपरवाइजर करेंगी बाल पुष्टाहार वितरण
फिरोज खान
रिपोर्ट-हैदर अली
बरेली। मीरगंज ब्लॉक में आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों को दी जाने वाली दाल में फफूंदी पाए जाने के मामले ने जिला प्रशासन को सख्त कर दिया है। शुक्रवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) मनोज कुमार ने मीरगंज बाल विकास परियोजना कार्यालय पहुंचकर जांच की और मौके पर कई खामियां मिलने पर जिम्मेदारों को कड़ी फटकार लगाई।
जांच के दौरान डीपीओ ने पाया कि कार्यालय से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां ड्राई फूड का वितरण कर रही थीं, जबकि यह कार्य सुपरवाइजरों की देखरेख में होना चाहिए। इस पर उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अब से कार्यालय में सुपरवाइजर ही ड्राई फूड का वितरण करेंगीं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां वितरण करती मिलीं तो उन पर सख्त कार्रवाई होगी।
निरीक्षण के दौरान डीपीओ ने गोदाम का भी जायजा लिया, जहां कई दाल के पैकेट फटे हुए और जमीन पर बिखरे पाए गए। उन्होंने तत्काल निर्देश दिए कि सभी खाद्य सामग्री को सुरक्षित और सूखी जगह पर रखा जाए तथा फटे पैकेटों को बदलवाया जाए।
इसी बीच गैरहाजिरी के दिनों में हस्ताक्षर करने वाली एक महिला सुपरवाइजर को भी फटकार लगाई गई। डीपीओ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए उससे असंवैधानिक कार्य करने पर स्पष्टीकरण मांगा।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले मीरगंज के गांव ठिरिया कल्यानपुर में फफूंदी लगी दाल बच्चों को वितरित करने का मामला सामने आया था। बीडीओ आनंद विजय यादव की जांच में 33 पैकेट फफूंदी युक्त दाल बरामद हुए थे, जिन्हें जांच के लिए कार्यालय में जमा कराया गया था।
डीपीओ मनोज कुमार ने कहा कि अब से सीडीपीओ और सुपरवाइजरों की निगरानी में ही बाल पुष्टाहार का वितरण होगा। उन्होंने सीडीपीओ को निर्देशित किया कि सभी केंद्रों की नियमित जांच करें और रिपोर्ट कार्यालय में प्रस्तुत करें। साथ ही, ठिरिया कल्याणपुर की आंगनबाड़ी कार्यकत्री के खिलाफ कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।


