बरेली नगर निगम बना नया सेल्फी पॉइंट: टायरों से बना ‘शेर’ बना आकर्षण का केंद्र, संदेश दे रहा पर्यावरण संरक्षण का
फिरोज खान भास्कर टुडे
रिपोर्ट-हैदर अली
बरेली। शहर के बीचोंबीच बना बरेली नगर निगम का नया भवन इन दिनों न केवल प्रशासनिक गतिविधियों के लिए चर्चा में है, बल्कि अब यह शहरवासियों के लिए एक नया सेल्फी पॉइंट भी बन गया है। वजह है यहां लगाया गया एक विशालकाय “शेर”, जो न तो लोहे का है और न ही पत्थर का, बल्कि यह पूरी तरह पुराने और बेकार पड़े टायरों से तैयार किया गया है।
इस अनोखी कलाकृति को देखने और उसके साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए लोगों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। कोई इसे सोशल मीडिया पर “बरेली का नया शेर” कह रहा है तो कोई “कचरे से कला” का शानदार उदाहरण बता रहा है। नगर निगम के बाहर लोग रुकते हैं, मोबाइल निकालते हैं और इस पर्यावरण संदेश देने वाली मूर्ति के साथ तस्वीर लेना नहीं भूलते।
पुराने टायरों से तैयार हुआ ‘जीवंत शेर’
नगर आयुक्त संजय मौर्या के मुताबिक, स्मार्ट सिटी मिशन के तहत “बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट” की थीम पर यह शेर तैयार किया गया है। इसे स्थानीय कलाकारों ने पुराने टायर, तारों और धातु के टुकड़ों से बड़ी मेहनत के साथ बनाया है। शेर की मूर्ति देखने में इतनी वास्तविक लगती है कि कई लोग पहली नजर में यह मान ही लेते हैं कि यह धातु से बनी है।
नगर आयुक्त ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य शहर में स्वच्छता, रीसाइक्लिंग और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना है। उन्होंने कहा, “कचरे को अगर सही दृष्टिकोण से देखा जाए तो वह भी सुंदर कला का रूप ले सकता है। यह शेर उसी सोच का प्रतीक है।”
लोगों में बढ़ा उत्साह और सेल्फी का क्रेज
नगर निगम पहुंचने वाले अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी, आम नागरिक और बच्चे—सबके बीच इस टायर शेर का आकर्षण बना हुआ है। कोई इसके साथ पोज देकर इंस्टाग्राम पर पोस्ट डाल रहा है, तो कोई फेसबुक पर बरेली की इस नई पहचान को शेयर कर रहा है।
शहर के एक कॉलेज छात्र अनुराग शर्मा ने कहा, “ऐसी रचनात्मक सोच देखकर गर्व होता है। यह सिर्फ एक मूर्ति नहीं बल्कि संदेश है कि अगर हम चाहें तो कचरे को भी उपयोगी बना सकते हैं।” वहीं, स्थानीय निवासी रेखा सिंह ने कहा, “बच्चे यहां आकर खुश हो जाते हैं। यह शहर में कला और स्वच्छता दोनों का संगम दिखाता है।”
‘ग्रीन आइकन’ बनता बरेली नगर निगम
शहरवासियों के बीच यह शेर अब “ग्रीन आइकन ऑफ बरेली” बन गया है। इसकी खासियत यह है कि यह पर्यावरण संरक्षण, रचनात्मकता और अपशिष्ट प्रबंधन – तीनों का संदेश एक साथ देता है। नगर निगम की योजना है कि इसी तरह की और कलाकृतियाँ जल्द ही बरेली के प्रमुख चौराहों, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर लगाई जाएंगी।
इस पहल से न केवल शहर का सौंदर्यीकरण बढ़ेगा, बल्कि नागरिकों में कचरे के पुनः उपयोग को लेकर जागरूकता भी आएगी।
संवाद और संदेश दोनों साथ
यह टायरों से बना शेर बरेली की नई पहचान बन चुका है। यह सिर्फ देखने में सुंदर नहीं, बल्कि सोचने पर मजबूर करता है कि अगर कल्पनाशक्ति और जिम्मेदारी साथ हो, तो बेकार चीजें भी समाज के लिए प्रेरणा बन सकती हैं।
इस कलाकृति ने यह साबित कर दिया है कि “कचरा अगर सही हाथों में जाए, तो वही शहर की शान बन सकता है।”


