शाहजहांपुर में शर्मनाक हरकत: प्रधान पति पर जूते में पेशाब पिलाने का आरोप,
फिरोज खान/यूपी हेड
रिपोर्ट/राजेश सिंह
SP ने दिए जांच के आदेश पीड़ित परिवार दहशत में
शाहजहांपुर/बरेली/परौर क्षेत्र से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। गांव के ही एक युवक ने ग्राम प्रधान के पति पर लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई करने और जूते में पेशाब भरकर पिलाने का भयावह आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने थाने में तहरीर देकर कठोर कार्रवाई की मांग की है। मामला सामने आते ही एसपी ने जांच सीओ जलालाबाद को सौंप दी है।
गाय घर में घुसने से शुरू हुआ विवाद
पीड़ित युवक, जो ओबीसी समुदाय से है, के अनुसार 14 नवंबर की सुबह प्रधान का पति गोशाला से गायों को खोल कर उनके घर की ओर भगा रहा था। एक गाय घर में घुस गई, जिस पर युवक ने आपत्ति जताई। आरोप है कि प्रधान के पति ने गाली-गलौज करते हुए कहा— “गायें हम ऐसे ही छोड़ेंगे, तुम मेरा कुछ नहीं कर पाओगे।”
इसके बाद युवक ने 1076 हेल्पलाइन पर शिकायत कर दी। पीआरवी पहुंची और मामला शांत करा कर लौट गई।
अगले दिन खेत पर हमला, बेरहमी से पिटाई
महिला की तहरीर के अनुसार, अगले दिन 15 नवंबर की शाम चार बजे उसका पति खेत में आलू की बुवाई कर रहा था। तभी प्रधान का पति कई लोगों के साथ लाठी-डंडों से लैस होकर वहां पहुंचा। सभी ने मिलकर युवक को बुरी तरह पीटा।
पीड़िता का दावा है कि इस दौरान उसके पति को जूते में पेशाब भरकर पिलाया गया। जब उसने बचाने की कोशिश की तो उसके साथ छेड़खानी की गई और जमीन पर पटककर घायल कर दिया। दोनों को गंभीर चोटें आईं और बाद में युवक को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
थाने जाते समय भी धमकाया
पीड़िता के अनुसार, मामले की सूचना देने जाते समय भी आरोपियों ने रास्ते में रोककर गालियां दीं और धमकाया। इससे पूरा परिवार दहशत में है।
पुलिस ने पेशाब पिलाने की बात से किया इन्कार, जांच जारी
एसपी राजेश द्विवेदी का कहना है कि पीआरवी घटना दिन ही मौके पर गई थी और वादी की पत्नी का वीडियो भी बनाया था, जिसमें विवाद की बात कही गई थी।
उन्होंने कहा— “सीओ जांच कर रहे हैं, जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।”
पीड़ित परिवार न्याय की मांग पर अड़ा
घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपियों ने जाति और रसूख के घमंड में ऐसी दरिंदगी की है और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
यह मामला न सिर्फ अमानवीय अत्याचार का उदाहरण है, बल्कि ग्रामीण सत्ता के दुरुपयोग की दर्दनाक तस्वीर भी सामने लाता है। पुलिस जांच के बाद ही सच्चाई साफ हो पाएगी।


