परवेज़ अख्तर की शिकायत पर BDA की बड़ी कार्रवाई,तौकीर रज़ा के करीबी आरिफ की दुकानों पर चला बुलडोज़र
फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/राजेश सिंह
बरेली। 26 सितंबर के बवाल में मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रज़ा के करीबियों पर कार्रवाई एक बार फिर तेज हो गई है।
शिकायतकर्ता परवेज़ अख्तर की ओर से उठाए गए गंभीर आरोपों के बाद बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने शनिवार सुबह पीलीभीत बाईपास रोड और जगतपुर क्षेत्र में कॉलोनाइज़र मोहम्मद आरिफ की अवैध संपत्तियों पर बड़ा अभियान चलाया।
सुबह 11 बजे शुरू हुई कार्रवाई में बीडीए की टीम ने 15 दुकानों और दो बड़े शोरूम पर बुलडोज़र चला दिया। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
शिकायतकर्ता परवेज़ अख्तर बोले—अब मेरी जान को खतरा
परवेज़ अख्तर ने बताया कि आरिफ के अवैध निर्माण व धोखाधड़ी की शिकायत करने के बाद अब उनकी जान को खतरा है।
उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है और कहा कि गरीब दुकानदारों को करोड़ों का नुकसान पहुँचाकर आरिफ ने वर्षों तक अवैध कमाई की।
कार्रवाई के बाद परवेज़ अख्तर ने राहत जताते हुए कहा कि कानून ने पहली बार उनकी आवाज सुनी है।
चारों ओर से घेराबंदी, पुलिस बल अलर्ट
बीडीए टीम ध्वस्तीकरण के लिए पहुंची तो उससे पहले ही बारादरी थाना पुलिस ने पूरे इलाके को चारों ओर से घेर लिया।
सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव के नेतृत्व में आसपास के थानों का पुलिस बल मौके पर बुला लिया गया। माइक से लोगों को दूर रहने की अपील की गई ताकि कोई अव्यवस्था न हो।
बिना नक्शा मंजूरी के बना दी दो मंजिला मार्केट
बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. ए. मणिकंडन ने बताया कि आरिफ ने जगतपुर में अवैध दो मंजिला मार्केट और पीलीभीत बाईपास पर कपड़ों के शोरूम का निर्माण बिना नक्शा स्वीकृत कराए किया था।
मार्केट में जिम, होम डेकोर सेंटर और कई दुकानें चल रही थीं। जांच में निर्माण को पूरी तरह अवैध पाया गया, जिसके बाद 11 अक्टूबर को दोनों परिसरों को सील किया गया था।
शनिवार को सील की गई इन संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण शुरू किया गया।
जेसीबी की लगातार चोट से ढही दीवारें
बीडीए टीम ने परिसर के पिछले हिस्से से तोड़फोड़ शुरू की। जेसीबी की एक के बाद एक चोट से दीवारें ढहने लगीं। आसपास के लोग भारी संख्या में जमा रहे।
सुरक्षा कारणों से बिजली सप्लाई बंद कर दी गई और बाइपास रोड पर ट्रैफिक रोक दिया गया।
30-30 लाख में बेची थीं अवैध दुकानें
जगतपुर मार्केट में आरिफ ने तीन साल पहले दो मंजिला मार्केट बनवाकर कई दुकानों को 30–30 लाख रुपये में बेचा था।
जो दुकानें नहीं बिकीं, उन्हें किराए पर उठा दिया गया, जिससे वह 8–9 हजार रुपये प्रतिमाह किराया वसूलता था।
दुकानदारों का आरोप है कि 11 अक्टूबर की सीलिंग कार्रवाई के दौरान उन्हें सामान तक निकालने का मौका नहीं दिया गया।
पीलीभीत रोड स्थित व्यावसायिक भवन भी अवैध
आरिफ के पीलीभीत बाईपास स्थित शोरूम के भूतल पर जाहिद हुसैन की फर्नीचर दुकान है। सात–आठ साल पुराने इस भवन का भी कोई नक्शा स्वीकृत नहीं मिला।
शनिवार को इसी पर भी बुलडोज़र कार्रवाई की गई।


