Sunday, April 19, 2026
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नगर निगम की घोर लापरवाही से भड़का एजाज नगर गोटिया!

नगर निगम की घोर लापरवाही से भड़का एजाज नगर गोटिया!

फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/राजेश सिंह

कादरी मस्जिद के पास डेयरी का गंदा पानी बना बीमारी का अड्डा, वार्ड-79 के लोग फूटा गुस्सा सभासद इरशाद ठेकेदार पर गंभीर आरोप

बरेली/नगर निगम की लापरवाही और सभासद की उदासीनता अब वार्ड-79 के लोगों के लिए जानलेवा हालत पैदा कर रही है। बारादरी थाना क्षेत्र के एजाज नगर गोटिया स्थित कादरी मस्जिद के पास की गली में डेयरी से निकलने वाला गंदा पानी महीनों से जमा है।

हालत इतनी बदतर है कि पूरा इलाका सीवर-टाइप बदबू और गंदगी में डूबा हुआ है। लोगों के आरोप सीधे-सीधे नगर निगम और वार्ड-79 के सभासद इरशाद ठेकेदार पर हैं, जिनकी कथित लापरवाही से अब महामारी जैसी स्थिति बनती जा रही है।

डेयरी के गंदे पानी ने किया जीवन संकटग्रस्त घरों तक घुस रही बदबू और बीमारी

स्थानीय निवासियों के अनुसार, कादरी मस्जिद के पास एक डेयरी से लगातार गंदा पानी बहकर नालियों में जाता है, लेकिन नालियों की सफाई न होने और जल निकासी का कोई इंतज़ाम न होने के कारण पूरा कचरा, गोबर और सड़ा हुआ पानी सड़क पर ही जम रहा है। कई घरों में तो ये गंदा पानी अंदर तक घुस चुका है।

मोहल्लेवासियों का कहना है कि मच्छरों का प्रकोप बढ़ चुका है, बच्चे लगातार बीमार पड़ रहे हैं और बुजुर्गों में संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। इलाके में उल्टी-दस्त, त्वचा संबंधी रोग और सांस की समस्याएँ लगातार बढ़ रही हैं, पर नगर निगम के कर्मचारियों और सभासद की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई।

लोगों का आरोप – बार-बार शिकायतों के बावजूद सभासद नदारद

स्थानीय लोगों ने साफ कहा है कि उन्होंने कई बार सभासद इरशाद ठेकेदार को फोन, व्हाट्सएप और मौके पर शिकायत देकर मदद की गुहार लगाई, लेकिन न कोई सफाई कराई गई और न ही कोई समाधान निकला।

निवासियों के अनुसार, “सभासद सिर्फ आश्वासन देकर चले जाते हैं, ज़मीन पर काम बिल्कुल नहीं होता।”

लोगों का यह भी कहना है कि डेयरी के खिलाफ कार्रवाई करने की ताकत और जिम्मेदारी दोनों नगर निगम और सभासद के पास है, लेकिन शहर की राजनीति और व्यक्तिगत संबंधों के कारण मसले को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है।

कादरी मस्जिद के पास की गली बनी ‘गंदगी का तालाब’ पैदल चलना तक मुश्किल

जो गली कभी सामान्य आवाजाही का रास्ता थी, अब गंदगी और बदबू का तालाब बन चुकी है। बच्चों के स्कूल जाने में दिक्कत, महिलाओं के लिए घरों से निकलना मुश्किल और दुकानदारों का व्यापार तक प्रभावित हो रहा है।

इलाके के एक दुकानदार ने बताया“अब तो ऐसा लग रहा है जैसे नगर निगम ने इस मोहल्ले को मानचित्र से ही हटा दिया हो। न कोई सफाई, न कोई निरीक्षण, न कोई समाधान… केवल गंदगी और बीमारी।”

जनता में भारी आक्रोश – बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी

वार्ड-79 के निवासियों ने अब खुलकर नगर निगम और सभासद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर 48 घंटों के भीतर सफाई और जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई, डेयरी के गंदे पानी को रोकने का स्थायी समाधान नहीं निकला, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।

लोगों ने साफ कहा“यह मोहल्ला वोट देने तक ही याद आता है। चुनाव के बाद सभासद इरशाद ठेकेदार को हमारी समस्याएँ दिखती ही नहीं। अब हम चुप नहीं बैठेंगे।”

नगर निगम का भ्रष्ट तंत्र या राजनीतिक उपेक्षा?

मामला साफ तौर पर प्रशासनिक उदासीनता का उदाहरण है। डेयरी से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी रोकना, नालियों की सफाई कराना, और संक्रामक बीमारी रोकना नगर निगम की जिम्मेदारी है। लेकिन अधिकारियों और सभासद के बीच तालमेल की कमी, भ्रष्ट व्यवस्था और क्षेत्र की उपेक्षा ने स्थिति को काबू से बाहर कर दिया है।

लोगों की मांग डेयरी का तुरंत निरीक्षण और गंदा पानी बहाने पर कार्रवाई नालियों की तत्काल सफाई पंप लगाकर गंदा पानी बाहर निकाला जाए वार्ड-79 में नियमित सफाई दल तैनात किया जाए सभासद इरशाद ठेकेदार और सफाई निरीक्षक से जवाबदेही तय हो

एजाज नगर गोटिया में कादरी मस्जिद के पास फैला यह गंदगी का संकट केवल एक वार्ड की समस्या नहीं, बल्कि नगर निगम की गंभीर विफलता का ताजा उदाहरण है। अगर प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि अब भी नहीं जागे, तो महामारी फैलना तय है—और इसकी जिम्मेदारी सीधे नगर निगम और सभासद पर होगी।

 

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