जौनपुर की पंचायत में ‘विकास घोटाला’ उजागर, काग़ज़ों में काम ज़मीन पर सन्नाटा
भास्कर न्यूज 24/न्यूज एजेंसी
जौनपुर।
जनपद के मछलीशहर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत आलापुर करैरा खाखोपुर खरववन में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन की खुली लूट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि बीते तीन वर्षों से पंचायत में विकास सिर्फ़ फ़ाइलों और सरकारी रिकॉर्ड तक सीमित है, जबकि ज़मीनी हकीकत पूरी तरह शून्य है।
ग्रामीणों के अनुसार हैंडपंप मरम्मत के नाम पर बिना एक दिन काम किए ही भुगतान निकाल लिया गया। फर्जी जियो टैगिंग फोटो लगाकर सरकारी खजाने से धन की निकासी कर ली गई, जबकि मौके पर न तो हैंडपंप दुरुस्त मिले और न ही किसी मरम्मत के निशान दिखाई दिए।
स्ट्रीट लाइट और सोलर लाइट के नाम पर भी बड़े पैमाने पर घपले का आरोप है। कई स्थानों पर लाइटें लगी ही नहीं, और जहां लगी थीं, उन्हें काग़ज़ों में खराब दर्शाकर पूरा भुगतान हजम कर लिया गया।
इसी तरह पाइपलाइन और नल कनेक्शन के कार्यों में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। ज़मीन पर न पाइप दिखाई दे रहे हैं, न नल, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में कार्य पूर्ण दिखा दिया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत कार्यालय अक्सर बंद पाया गया। कंप्यूटर ऑपरेटर की अनियमित उपस्थिति के बावजूद हर महीने पूरा वेतन भुगतान किया जाता रहा। इससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि भ्रष्टाचार किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की मिलीभगत से चल रहा है।
ग्रामीणों ने इस पूरे मामले को साधारण अनियमितता नहीं, बल्कि सरकारी धन की खुली डकैती करार दिया है। अब मांग तेज़ हो गई है कि पूरे प्रकरण की तत्काल स्थलीय जांच, सोशल और वित्तीय ऑडिट कराया जाए, दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो और एक-एक रुपये की रिकवरी सुनिश्चित की जाए।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पंचायत स्तर पर हो रही इस लूट को प्रशासन यूं ही अनदेखा करता रहेगा, या फिर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की गाज गिरेगी?


