यूपी पुलिस की स्थानांतरण नीति में बड़ा बदलाव, अनुकम्पा ट्रांसफर के नियम सख्त
रिपोर्ट/राजेश सिंह
खबर:
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग ने स्थानांतरण नीति में अहम बदलाव करते हुए अनुकम्पा आधार पर होने वाले स्थानांतरण के नियमों को सख्त कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत अब भर्ती वर्ष के आधार पर उप निरीक्षक और आरक्षियों के अनुकम्पा स्थानांतरण पर विचार किया जाएगा।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार वर्ष 2019 बैच तक भर्ती उप निरीक्षक और आरक्षियों के सामान्य मामलों में अनुकम्पा स्थानांतरण पर विचार किया जाएगा। वहीं 2019 के बाद भर्ती उप निरीक्षक और आरक्षियों के लिए अनुकम्पा स्थानांतरण केवल उसी स्थिति में संभव होगा जब पति–पत्नी दोनों पुलिस विभाग में नियुक्त हों।
नई नीति के तहत यह भी स्पष्ट किया गया है कि कोई भी निरीक्षक या उप निरीक्षक अपने गृह परिक्षेत्र, गृह जनपद अथवा सीमावर्ती जनपद में तैनात नहीं किया जाएगा। पति–पत्नी के अनुकम्पा स्थानांतरण प्रकरण में दोनों के पुलिस परिचय पत्र की स्पष्ट व पठनीय छायाप्रति संलग्न करना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा, अनुकम्पा स्थानांतरण में छूट केवल उन्हीं मामलों में दी जाएगी, जहां पति–पत्नी दोनों पुलिस विभाग में कार्यरत हों। ऐसे सभी मामलों में मुख्यालय डीजीपी यूपी, लखनऊ में उपस्थित होने की अनुमति के साथ पूर्ण एवं अद्यावधिक सेवा विवरण संलग्न करना भी आवश्यक किया गया है।
नई स्थानांतरण नीति को पुलिस प्रशासन में पारदर्शिता और निष्पक्षता लाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।


