रेलवे गोदाम से रियलिटी शो तक: अमरावती के रोशन भजंकर की संघर्षगाथा बनी प्रेरणा

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रेलवे गोदाम से रियलिटी शो तक: अमरावती के रोशन भजंकर की संघर्षगाथा बनी प्रेरणा

अमरावती।

मेहनत, जिद और आत्मविश्वास की मिसाल बने अमरावती के दिहाड़ी मजदूर रोशन भजंकर ने वर्षों के कठिन संघर्ष के बाद बिग बॉस मराठी सीजन-6 में दमदार एंट्री कर ली है। बडनेरा रेलवे माल गोदाम में करीब 15 वर्षों तक मजदूरी कर परिवार का पेट पालने वाले रोशन की यह सफलता आज पूरे महाराष्ट्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

रेलवे गोदाम में रोज़ाना सैकड़ों भारी सीमेंट और अनाज के बोरे उठाना उनकी दिनचर्या थी। प्रति बोरे चंद रुपये की मजदूरी, सीमित साधन और महंगे सप्लीमेंट्स से दूर रहते हुए भी रोशन ने अपने सपनों से कभी समझौता नहीं किया। दिनभर की कड़ी मेहनत के बाद वे रात में स्थानीय जिम में अभ्यास करते थे, जहां देसी डाइट और अनुशासन के बल पर उन्होंने अपनी मजबूत काया तैयार की।

आर्थिक तंगी के बावजूद रोशन का देसी बॉडीबिल्डिंग सफर रंग लाया। सोशल मीडिया पर उनकी मेहनत और फिटनेस से जुड़े वीडियो वायरल हुए और वे क्षेत्रीय बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिताओं में चैंपियन बनकर उभरे। उनकी सादगी, संघर्ष और अनुशासन ने खासतौर पर युवाओं को प्रेरित किया।

अब बिग बॉस मराठी जैसे चर्चित रियलिटी शो में उनकी मौजूदगी सिर्फ एक प्रतियोगी की नहीं, बल्कि उस आम आदमी की जीत मानी जा रही है, जिसने हालात से हार मानने के बजाय उन्हें मात दी।

रेलवे गोदाम से राष्ट्रीय मंच तक पहुंची रोशन भजंकर की कहानी आज लाखों लोगों को यह संदेश देती है कि अगर सपने बड़े हों और इरादे मजबूत, तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं।

✍️ सत्य प्रकाश

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Author: Bhaskar News 24

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