रामपुरा अंडरपास में दर्दनाक हादसा: लोहे के पोल से टकराई बाइक, दो दोस्तों की मौके पर मौत
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल, स्थानीय लोगों ने बताया—रिफ्लेक्टर और रोशनी की कमी बनी हादसे की वजह
बरेली। शहर के रामपुरा अंडरपास में शुक्रवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। सड़क के बीचों-बीच लगे लोहे के पोल से टकराने के कारण यह हादसा हुआ। घटना के बाद इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पर सवाल खड़े हो गए।
मिली जानकारी के अनुसार, इफको कॉलोनी निवासी 25 वर्षीय अमित शर्मा अपने दोस्त 23 वर्षीय रोहित शर्मा, निवासी बिनावर कस्बा, को बाइक से देवचरा छोड़ने जा रहा था। शाम के समय जैसे ही दोनों रामपुरा अंडरपास से गुजर रहे थे, उनकी बाइक अचानक सड़क के बीच में लगे लोहे के पोल से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
हादसे के बाद वहां से गुजर रहे राहगीरों ने दोनों को खून से लथपथ हालत में देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने मृतकों के पास मिले मोबाइल फोन, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों के आधार पर उनकी पहचान की और परिजनों को घटना की जानकारी दी।
खबर मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। परिजन मौके पर पहुंचे और शवों की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा भरकर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिजनों के मुताबिक रोहित शर्मा दिल्ली में एक फूड डिलीवरी कंपनी में काम करता था और कुछ दिन पहले ही घर आया था। रोहित की शादी हो चुकी थी और उसका एक छोटा बेटा भी है, जबकि उसकी पत्नी फिलहाल मायके में है।
वहीं अमित शर्मा के पिता रामसेवक शर्मा ने बताया कि अमित बीए का छात्र था और परिवार की जिम्मेदारियों में भी हाथ बंटाता था। बेटे की अचानक मौत की खबर सुनते ही उसकी मां वंदना की तबीयत बिगड़ गई। अमित अपने तीन भाइयों में सबसे बड़ा था।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन की लापरवाही पर भी सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि रामपुरा अंडरपास में सड़क के बीच लगे लोहे के पोल पहले भी कई हादसों का कारण बन चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद न तो इन्हें हटाया गया और न ही वहां चेतावनी संकेत या रिफ्लेक्टर लगाए गए।
स्थानीय निवासियों के अनुसार अंडरपास में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी नहीं है, जिससे रात के समय वहां से गुजरना और अधिक खतरनाक हो जाता है। उनका मानना है कि यदि पोल पर रिफ्लेक्टर या चेतावनी बोर्ड लगे होते और दोनों युवक हेलमेट पहने होते, तो शायद इस हादसे की गंभीरता कम हो सकती थी।
रामपुरा अंडरपास का यह हादसा सड़क सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करता है। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इन दो युवकों की मौत के लिए जिम्मेदार कौन है—सिस्टम की लापरवाही या खराब हालात? स्थानीय लोग प्रशासन से जल्द से जल्द सुरक्षा इंतजाम सुधारने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा


