लाइनमैनों की कमी से बसडीला फीडर की बिजली व्यवस्था चरमराई, 40 गांवों के हजारों उपभोक्ता परेशान
रिपोर्ट गुड्डू भारती
कुशीनगर। गुरवलिया स्थित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र के बसडीला फीडर पर लाइनमैनों की कमी के कारण बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। संविदा कर्मचारियों के स्थानांतरण के बाद क्षेत्र के करीब 40 गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है और मामूली फाल्ट ठीक करने में भी 18 घंटे तक का समय लग रहा है, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
संविदा कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उनका तबादला बसडीला फीडर से कसया तहसील स्थित विद्युत उपकेंद्र पर कर दिया गया है, जो उनके घरों से 35 से 40 किलोमीटर दूर है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें प्रतिमाह केवल 10 से 12 हजार रुपये वेतन मिलता है। ऐसे में लंबी दूरी तय करने में पेट्रोल और यात्रा पर ही आय का बड़ा हिस्सा खर्च हो जाएगा, जिससे परिवार का पालन-पोषण, बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करना मुश्किल हो जाएगा।
कर्मचारियों ने यह भी चिंता जताई कि नए कार्यक्षेत्र की विद्युत लाइनों और फीडरों की जानकारी न होने से कार्य के दौरान दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। भीषण गर्मी के इस मौसम में बिजली फाल्ट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, ऐसे में अनुभवी कर्मचारियों के हटने से व्यवस्था और अधिक प्रभावित होने की आशंका है।
बसडीला फीडर से जुड़े करीब 6 हजार उपभोक्ता सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं, जबकि पूरे क्षेत्र में लगभग 17 हजार बिजली उपभोक्ता कर्मचारियों की कमी का असर झेल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि छोटी-छोटी तकनीकी खराबियों को ठीक करने में घंटों लग रहे हैं, जिससे गर्मी के मौसम में लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
संविदा कर्मियों ने विभागीय अधिकारियों से मानवीय आधार पर अपने तबादले को निरस्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि उन्हें वर्तमान कार्यस्थल पर ही बनाए रखा जाए तो बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुचारु रह सकेगी और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। वहीं क्षेत्रीय लोगों ने भी बिजली विभाग से जल्द समाधान निकालने की मांग की है, ताकि गांवों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।


