बरेली में बस संचालकों के विवाद ने लिया हिंसक रूप, बीच सड़क मारपीट और फायरिंग; तीन आरोपी गिरफ्तार
रिपोर्ट राजेश सिंह
बरेली। बस संचालन और सवारियां बैठाने को लेकर लंबे समय से चल रही रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया। शाहजहांपुर के दो बस संचालक गुटों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने सड़क पर बस रोककर चालक के साथ मारपीट की और बाद में फायरिंग कर दी। मामले में भोजीपुरा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से तमंचा, कारतूस, लाठियां और घटना में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो कार बरामद हुई है।
पुलिस के अनुसार शाहजहांपुर निवासी रानवेन्द्र सिंह की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया। शिकायत में बताया गया कि उनके भाई मोनू उर्फ मानवेन्द्र की बस दिल्ली जा रही थी। रास्ते में दूसरी बस के लोगों ने ओवरटेक कर बस को रुकवा लिया और चालक के साथ मारपीट की। आरोप है कि बाद में बिल्वा पुल के पास जान से मारने की नीयत से फायरिंग भी की गई।
सवारियां बैठाने की प्रतिस्पर्धा बनी विवाद की वजह
जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच बस संचालन और यात्रियों को बैठाने को लेकर काफी समय से तनातनी चल रही थी। इसी पुरानी रंजिश के चलते 2 जून को दोनों गुट आमने-सामने आ गए और विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। घटना के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
मुखबिर की सूचना पर दबिश, तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस को सूचना मिली कि घटना से जुड़े कुछ आरोपी बिल्वा पुल के आसपास मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर विशाल यादव, आकाश राठौर और गोल्डी उर्फ वीरेन्द्र पाल को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।
हथियार और स्कॉर्पियो बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के पास से 315 बोर का एक तमंचा, एक जिंदा कारतूस, चार लाठियां और घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन बरामद किया गया। बरामदगी के बाद पुलिस ने मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी शामिल कर दी हैं।
पूछताछ में सामने आई पूरी कहानी
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि बस संचालन को लेकर दोनों पक्षों में पहले से विवाद चल रहा था। उनके मुताबिक एक बस के अचानक ब्रेक लगाने से दूसरी बस टकरा गई थी, जिसके बाद कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। इसके बाद पीछा करने, मारपीट और फायरिंग जैसी घटनाएं हुईं।
मुख्य आरोपी पर पहले से कई गंभीर मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपी गोल्डी उर्फ वीरेन्द्र पाल के खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट, बलवा समेत कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं विशाल यादव का भी आपराधिक इतिहास सामने आया है। पुलिस फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।


