SIR के नाम पर वोट कटवाने की साज़िश? अखिलेश यादव की न्यायालय, निर्वाचन आयोग और मीडिया से बड़ी अपील
रिपोर्ट/राजेश सिंह
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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर बड़ा आरोप लगाते हुए इसे लोकतंत्र के खिलाफ एक “सुनियोजित षड्यंत्र” बताया है। उन्होंने माननीय न्यायालय, भारत निर्वाचन आयोग और समस्त पत्रकारों से इस गंभीर मामले का तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है।
अखिलेश यादव ने कहा कि गाँव-गाँव में छपे-छपाए फार्म-7 भेजे जा रहे हैं, जिनके जरिए बिना जानकारी और बिना सही शिकायतकर्ता के नाम पर लोगों के वोट कटवाने की साज़िश रची जा रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि जिन व्यक्तियों के नाम पर आपत्ति दर्ज कराई जा रही है, उन्हें खुद इसकी कोई जानकारी नहीं है, जबकि उनके सभी दस्तावेज़ सही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के तहत फर्जी हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं और खासतौर पर पीडीए समाज एवं अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं के नाम बड़े पैमाने पर काटे जा रहे हैं। अखिलेश यादव ने इसे सीधे तौर पर विपक्ष के वोट बैंक को कमजोर करने की कोशिश करार दिया।
सपा अध्यक्ष ने सभी न्यूज़ चैनलों, अख़बारों और डिजिटल मीडिया से अपील करते हुए कहा कि वे इस महा-घोटाले का पर्दाफाश करें और सच्चाई जनता के सामने लाएं। साथ ही उन्होंने स्थानीय यूट्यूबरों और लोकल न्यूज़ कर्मियों से लोकतंत्र के हित में आगे आने की अपील की।
अखिलेश यादव ने भरोसा दिलाया कि जो भी पत्रकार या कंटेंट क्रिएटर इस मुद्दे को ईमानदारी से उजागर करेगा, समाजवादी पार्टी उसे देश-प्रदेश के सामने प्रमुखता से रखेगी, ताकि सच्ची पत्रकारिता सही दर्शकों और पाठकों तक पहुंच सके।
उन्होंने कहा,
“यह केवल वोट का नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा का सवाल है। अगर आज चुप रहे तो कल हर नागरिक का अधिकार खतरे में होगा।”
यह मामला अब प्रदेश की राजनीति में नई बहस को जन्म दे रहा है और सभी की निगाहें निर्वाचन आयोग व न्यायालय की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।