SIR ड्यूटी के दबाव में एक और शिक्षामित्र की तबीयत बिगड़ी,
फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/राजेश सिंह
परिवार ने सुपरवाइजर पर लगाए आरोप; प्रशासन बोला– हार्ट अटैक नहीं
बरेली/SIR सर्वे की तेज रफ्तार और लगातार बढ़ते दबाव के बीच शिक्षामित्रों और बीएलओ की सेहत पर संकट गहराता दिख रहा है।
दमखोदा ब्लॉक के माधोपुर प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षामित्र हर प्रसाद की गुरुवार दोपहर अचानक तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि लगातार फोन और फील्ड वर्क के दबाव ने उन्हें हार्ट अटैक दे दिया। वहीं प्रशासन इसे साधारण स्वास्थ्य समस्या बता रहा है।
3:30 बजे घर लौटते ही सीने में दर्द, दो अस्पतालों में ले जाना पड़ा
जानकारी के अनुसार हर प्रसाद गुरुवार दोपहर सैदपुर में एसआईआर सर्वे का काम पूरा कर करीब 3:30 बजे नवाबगंज स्थित अपने घर लौटे थे। तभी उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द, बेचैनी और घबराहट होने लगी।
परिवार उन्हें पहले नजदीकी अस्पताल ले गया, जहाँ से हालत गंभीर होने पर रेफर कर दिया गया। बाद में उन्हें पीलीभीत के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच में हार्ट अटैक की पुष्टि की। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
“सुपरवाइजर रोज फोन करके परेशान करते थे… पिता तनाव में थे” – बेटा देहित
हर प्रसाद के बेटे देहित ने गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा “पिता कई दिनों से बीएलओ ड्यूटी के दबाव में थे। रोज देर रात तक काम कराया जा रहा था। सुपरवाइजर बार-बार फोन कर परेशान कर रहे थे। पिता ने अधिकारियों से ड्यूटी से मुक्त करने की गुहार भी लगाई थी, लेकिन किसी ने बात नहीं सुनी। तनाव में रहकर ही आज उनकी तबीयत बिगड़ी।”
परिजनों के अनुसार लगातार फील्ड वर्क, नेटवर्क दिक्कतें, ऐप अपडेट और एंट्री सबमिशन की भागदौड़ से हर प्रसाद शारीरिक व मानसिक रूप से थक चुके थे।
दो दिन में दूसरा मामला – सर्वेश गंगवार की मौत के बाद फिर घटना
यह मामला जिला प्रशासन पर सवाल इसलिए भी खड़े कर रहा है, क्योंकि दो दिन पहले ही बरेली में बीएलओ ड्यूटी के दौरान सहायक अध्यापक सर्वेश कुमार गंगवार की हार्ट अटैक से मौत हुई थी।
परिवार और शिक्षक संगठनों ने उनकी मौत के लिए बढ़ते सर्वे दबाव को जिम्मेदार ठहराया था।
लगातार दो घटनाओं से जिलेभर के शिक्षक, बीएलओ और शिक्षामित्र दहशत में हैं।
प्रशासन बोला– हार्ट अटैक नहीं था, केवल तबीयत बिगड़ी; ड्यूटी बदल दी
उप जिला निर्वाचन अधिकारी संतोष कुमार सिंह ने परिजनों के आरोपों को खारिज किया।
उन्होंने कहा “हार्ट अटैक जैसी कोई बात नहीं है। उनकी तबीयत खराब हुई थी, इसलिए भर्ती कराया गया है। किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं था। एहतियात के तौर पर उनकी ड्यूटी रिप्लेस करा दी गई है।”
अधिकारियों ने एसडीएम और तहसीलदार को अस्पताल जाकर परिजनों से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी लेने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षकों में बढ़ी चिंता, प्रशासन सतर्क मोड में
हर प्रसाद की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन दो दिनों में दो बीएलओ की स्वास्थ्य बिगड़ने की घटनाओं ने एसआईआर सर्वे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिक्षकों का कहना है कि रात तक काम करना बार-बार फोन खराब नेटवर्क ऐप की दिक्कतें
और लगातार दबाव से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। जिला प्रशासन पर अब यह दबाव है कि वह साबित करे कि कार्य प्रणाली मानव-सहानुभूति आधारित है, न कि सख्त दबाव और लक्ष्यपूर्ति पर निर्भर।


