UP बोर्ड परीक्षा को लेकर सरकार का बड़ा आदेश, सख्त लेकिन मानवीय व्यवस्था लागू
रिपोर्ट/सत्य प्रकाश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं को लेकर सरकार ने बड़ा और अहम आदेश जारी किया है। परीक्षार्थियों की गरिमा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्रों पर जूते-मोजे उतरवाकर परीक्षा लेने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
सरकार के निर्देश के अनुसार अब परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार पर ही परीक्षार्थियों की जांच की जाएगी, ताकि कक्षा के अंदर किसी भी प्रकार की असुविधा या अपमानजनक स्थिति न बने।
CCTV और वॉयस रिकॉर्डिंग पर रहेगी कड़ी नजर
परीक्षा केंद्रों पर लगे CCTV कैमरों और वॉयस रिकॉर्डिंग सिस्टम की नियमित जांच अनिवार्य कर दी गई है। यदि किसी केंद्र पर कैमरे खराब पाए जाते हैं तो उसकी तत्काल सूचना DIOS और कंट्रोल रूम को देना अनिवार्य होगा। लापरवाही पर संबंधित केंद्र के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
छात्राओं की तलाशी को लेकर सख्त निर्देश
सरकार ने स्पष्ट किया है कि छात्राओं की तलाशी केवल महिला शिक्षिकाएं ही करेंगी।
पुरुष शिक्षकों द्वारा छात्राओं की तलाशी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। यह आदेश छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जारी किया गया है।
प्रशासनिक अमले को भेजे गए निर्देश
इस संबंध में मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश भेज दिए गए हैं, ताकि आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जा सके।
परीक्षा कार्यक्रम
UP बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक संचालित की जाएंगी।
सरकार का यह फैसला परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, सुरक्षित और छात्र-हितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


