अजित डोभाल के बेटों को लेकर सोशल मीडिया में उठे सवाल, विदेशी कारोबार और नागरिकता पर बहस तेज
संपादक/ धीरेंद्र सिंह (धीरू )
खबर:
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल के दोनों बेटों—शौर्य डोभाल और विवेक डोभाल—को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में तीखी बहस छिड़ गई है। कुछ पोस्ट्स और लेखों में यह दावा किया जा रहा है कि जहां एक ओर अजित डोभाल को कठोर राष्ट्रवादी बयानों और ऐतिहासिक आक्रांताओं के संदर्भ में दिए गए वक्तव्यों के लिए जाना जाता है, वहीं उनके दोनों बेटे विदेशों में रहकर कॉरपोरेट और फाइनेंशियल सेक्टर में सक्रिय हैं।
उपलब्ध जानकारियों के मुताबिक, बड़े बेटे शौर्य डोभाल एक इन्वेस्टमेंट बैंकर रह चुके हैं और उन्होंने GE Capital व Morgan Stanley जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में काम किया है। वर्तमान में वे सिंगापुर स्थित वेल्थ मैनेजमेंट और इन्वेस्टमेंट फर्म Torch Investment में मैनेजिंग डायरेक्टर बताए जाते हैं। सोशल मीडिया में यह भी दावा किया जा रहा है कि यह फर्म सऊदी शाही परिवार से जुड़े प्रिंस मिशाल बिन अब्दुल्लाह अल सऊद से संबंधित है, हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
वहीं छोटे बेटे विवेक डोभाल को लेकर कहा जा रहा है कि उन्होंने भारतीय नागरिकता छोड़कर ब्रिटिश नागरिकता ले ली है और वे भी सिंगापुर में रहते हैं। 2019 में प्रकाशित The Caravan की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कुछ लोग यह दावा कर रहे हैं कि विवेक डोभाल GNY Asia Fund नामक एक हेज फंड से जुड़े हैं, जो केमैन आइलैंड्स में पंजीकृत है। इसी क्रम में नोटबंदी के कुछ दिनों बाद फंड के रजिस्ट्रेशन का समय भी सवालों के घेरे में लाया जा रहा है।
इन तमाम दावों के बीच समर्थकों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के वयस्क बच्चों के पेशेवर फैसलों को पिता की सार्वजनिक भूमिका से जोड़कर देखना उचित नहीं है, जबकि आलोचकों का तर्क है कि राष्ट्रवाद और वैश्विक पूंजी के बीच कथित विरोधाभास पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
फिलहाल, ये तमाम बातें सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित हैं। इस पूरे मामले पर अजित डोभाल या उनके परिवार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


