अलीगढ़ में अतिक्रमण कार्रवाई पर बवाल: नगर आयुक्त से बदसलूकी, दबाव के बावजूद नहीं झुके अधिकारी
रिपोर्ट /राजेश सिंह
अलीगढ़। अलीगढ़ नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान हुई हिंसक घटना ने शहर की सियासत को गरमा दिया है। कार्रवाई के दौरान फल विक्रेताओं द्वारा नगर निगम टीम पर कथित हमला किए जाने से एक सुरक्षाकर्मी घायल हो गया। इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद मामला राजनीतिक रंग लेता दिखा।
मुकदमा वापस लेने का बना दबाव
मंगलवार को समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़े नेता और कार्यकर्ता नगर निगम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा पर मुकदमा वापस लेने तथा सुरक्षाकर्मी के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव बनाने की कोशिश की।
बताया जा रहा है कि सपा नेता अज्जू इशाक ने इस दौरान नगर आयुक्त के साथ अभद्र व्यवहार और बदसलूकी की।
“कानून के अनुसार ही होगी कार्रवाई”
हालांकि, नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने संयम बनाए रखते हुए स्पष्ट कहा कि कार्रवाई पूरी तरह कानून के तहत की गई है और किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव में निर्णय नहीं लिया जाएगा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि सरकारी कर्मचारियों पर हमले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
छह महीने से दी जा रही थी नोटिस
नगर आयुक्त ने बताया कि संबंधित दुकानदारों को पिछले अगस्त माह से लगातार नोटिस दिए जा रहे थे। उन्हें नगर निगम द्वारा निर्धारित वेंडिंग जोन में व्यापार संचालित करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन मनमाना रवैया जारी रहा। प्रशासन ने छह महीने की मोहलत के बाद ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।
प्रशासनिक हलकों में सराहना
नगर आयुक्त के सख्त रुख की प्रशासनिक हलकों में सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकारी कर्मचारियों पर हमले के मामलों में कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है।
अब सपा नेता अज्जू इशाक समेत अन्य लोगों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं, क्योंकि मामले में दर्ज मुकदमे की जांच आगे बढ़ रही है।