आरटीओ दफ्तर में ‘सुविधा शुल्क’ का खेल! भाजपा नेता ने सीएम को लिखी चिट्ठी, जांच की मांग
रिपोर्ट/सत्य प्रकाश
बरेली। शहर के आरटीओ कार्यालय में कथित भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। भाजपा के पूर्व महानगर महामंत्री यतिन भाटिया ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आरटीओ में तैनात आरआई हारुन सैफी पर गंभीर आरोप लगाए हैं और मामले की गोपनीय जांच कराने की मांग की है।
भाजपा नेता का आरोप है कि आरटीओ कार्यालय में दलालों और प्राइवेट कर्मचारियों के जरिए अवैध वसूली का पूरा तंत्र चल रहा है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों से सरकारी शुल्क के अलावा कई गुना ज्यादा सुविधा शुल्क लिया जा रहा है, जिससे लोग परेशान हैं।
शिकायत में कहा गया है कि जिन कार्यों का सरकारी शुल्क करीब एक हजार रुपये होता है, उनके लिए लोगों से पांच से दस हजार रुपये तक की रकम वसूली जा रही है। आरोप यह भी लगाया गया है कि कार्यालय के भीतर एक निजी व्यक्ति को बैठाकर लोगों से पैसे लिए जाते हैं और कई अन्य लोग भी परिसर में सक्रिय रहते हैं, जो पैसे लेकर काम कराने का दावा करते हैं।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि जो लोग रिश्वत नहीं देते, उन्हें बार-बार चक्कर लगवाकर परेशान किया जाता है। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं और आम जनता में नाराजगी बढ़ रही है।
उधर एआरटीओ डॉ. पीके सरोज ने कहा कि अभी तक उनके पास इस तरह की कोई शिकायत नहीं पहुंची है। यदि शिकायत प्राप्त होती है तो उसकी जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
