एआई युग में तथ्यपरक पत्रकारिता की जरूरत, डॉ. पवन सक्सेना ने छात्रों को दी कंटेंट और विश्लेषण की सीख
रिपोर्ट सत्य प्रकाश
बरेली: इन्वर्टिस विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के युग में मीडिया साक्षरता’ विषय पर एक महत्वपूर्ण अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को तेजी से बदलते मीडिया परिदृश्य, नई तकनीकों और पत्रकारिता की चुनौतियों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार एवं मीडिया विश्लेषक डॉ. पवन सक्सेना ने अपने संबोधन में पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी खबर की विश्वसनीयता उसकी तथ्यात्मकता पर निर्भर करती है, न कि भावनाओं पर। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे हर खबर को गहराई से समझें, उसके विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण करें और निष्पक्षता बनाए रखें।
डॉ. सक्सेना ने कहा कि आज के डिजिटल दौर में मीडिया साक्षरता बेहद आवश्यक हो गई है, क्योंकि सोशल मीडिया और एआई के बढ़ते प्रभाव के चलते फर्जी खबरों का प्रसार तेजी से हो रहा है। ऐसे में सही और गलत जानकारी के बीच अंतर कर पाना हर पत्रकार और आम नागरिक के लिए जरूरी है।
उन्होंने छात्रों को अपने कौशल को विकसित करने के लिए नियमित अध्ययन और अभ्यास पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि हर छात्र को सप्ताह में कम से कम एक अच्छी कहानी पढ़नी चाहिए, साथ ही स्वयं कंटेंट तैयार कर उसे प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अभ्यास करना चाहिए।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के डीन डॉ. राजेश कुमार शर्मा ने मुख्य अतिथि के अनुभवों और उपलब्धियों को साझा करते हुए उन्हें छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। वहीं विभागाध्यक्ष डॉ. ललित कुमार ने छात्रों को जिम्मेदार और जागरूक पत्रकार बनने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान छात्रों ने एआई और पत्रकारिता से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे, जिनका डॉ. सक्सेना ने विस्तारपूर्वक उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया। कार्यक्रम में सहायक प्रोफेसर याशिका गुप्ता सहित विभाग के शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन सहायक प्रोफेसर डॉ. निधि गुप्ता ने किया।
