एडवोकेट महजबीन की संदिग्ध मौत पर भड़के वकील, कलेक्ट्रेट पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू
रिपोर्ट/सत्य प्रकाश
बरेली में एडवोकेट महजबीन की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस की धीमी और अधूरी कार्रवाई के खिलाफ सोमवार को अधिवक्ताओं का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। न्याय की मांग को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता अच्छन अंसारी के नेतृत्व में दर्जनों वकील और मृतका के परिजन कलेक्ट्रेट के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए।
भूख हड़ताल पर बैठे अधिवक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक महजबीन हत्याकांड में नामजद सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अधिवक्ता अच्छन अंसारी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मामले में मृतका के पति तलहा और सास असमा सकलैनी को तो जेल भेज दिया गया है, लेकिन अन्य नामजद आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ पीड़ित परिवार के साथ अन्याय है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। परिजन लगातार वरिष्ठ अधिकारियों से न्याय की गुहार लगा रहे हैं, इसके बावजूद पुलिस जानबूझकर कार्रवाई से बचती नजर आ रही है।
अधिवक्ताओं ने भावुक अंदाज में कहा कि जब पीड़िता खुद एक अधिवक्ता थी और उसे न्याय नहीं मिल पा रहा है, तो आम बेटी और आम नागरिक की सुरक्षा का क्या होगा। वकीलों ने प्रशासन को चेताया कि यदि जल्द ही शेष आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कलेक्ट्रेट के बाहर बैठे अधिवक्ताओं और परिजनों का साफ कहना है कि यह लड़ाई अब सड़कों से लेकर अदालत तक लड़ी जाएगी। न्याय की इस जंग में बरेली के अधिवक्ता पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।


