कुमाऊँ में स्वास्थ्य सेवाओं पर सख्त हुए आयुक्त दीपक रावत, अधिकारियों को दिए बड़े निर्देश
सहसंपादक हरीश भाकुनी नैनीताल, 20 जुलाई। कुमाऊँ आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने सोमवार को नैनीताल में स्वास्थ्य विभाग की मंडलीय समीक्षा बैठक कर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए स्पष्ट कहा कि आमजन को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में कुमाऊँ मंडल के सभी जिलों की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीबी उन्मूलन अभियान, आयुष्मान भारत योजना, नियमित टीकाकरण और संचारी एवं गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। आयुक्त ने अस्पतालों में चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता, दवाओं की निर्बाध आपूर्ति, चिकित्सा उपकरणों की कार्यशीलता तथा आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
टीबी उन्मूलन अभियान की समीक्षा के दौरान उन्होंने मरीजों की समयबद्ध स्क्रीनिंग, नोटिफिकेशन, संसाधनों की उपलब्धता और खराब मशीनों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मानसून को देखते हुए हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी, आशा एवं एएनएम कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका और प्रसव से पहले सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
आयुक्त ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत स्कूलों में बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच और बीमारियों की समय रहते पहचान कर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
डेंगू और वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान, फॉगिंग, लार्वा नियंत्रण और जलभराव रोकने की प्रभावी कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर भी चिंता जताई गई। आयुक्त दीपक रावत ने स्पष्ट किया कि यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है और विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में लगाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि स्वास्थ्य संबंधी जानकारी केवल अधिकृत सरकारी स्रोतों से ही लें और किसी भी भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें।
बैठक में स्वास्थ्य निदेशक कुमाऊँ डॉ. बी.के. पुनेरा, नैनीताल की सीएमओ डॉ. रश्मि पंत सहित मंडल के सभी जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
