डॉग्स नसबंदी योजना पर उठे सवाल, संस्था हटाने की मांग
एबीसी योजना में लापरवाही का आरोप, पशु प्रेमियों ने नगर आयुक्त को सौंपा ज्ञापन
रिपोर्ट सत्य प्रकाश
बरेली। नगर निगम द्वारा शहर में संचालित आवारा कुत्तों की नसबंदी (एबीसी) योजना को लेकर पशु प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गंभीर सवाल उठाए हैं। योजना का संचालन कर रही संस्था पर लापरवाही और अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए नगर आयुक्त को एक शिकायती पत्र सौंपा गया है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि नसबंदी के बाद कई डॉग्स के टांके खुलने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। इसके अलावा कुछ मामलों में डॉग्स को उनके क्षेत्र में वापस छोड़ने के बजाय गायब कर दिए जाने की भी शिकायत की गई है। पशु प्रेमियों का कहना है कि इस संबंध में पहले भी नगर निगम प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान में यह कार्य गुरुचरण जीत सिंह उर्फ नीटू की संस्था द्वारा किया जा रहा है, लेकिन लंबे समय से योजना के संचालन को लेकर शिकायतें मिल रही हैं। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि एबीसी योजना का कार्य संबंधित संस्था से वापस लेकर किसी अन्य सक्षम संस्था को सौंपा जाए, ताकि पशुओं के साथ होने वाली लापरवाही पर रोक लग सके।
इस दौरान विक्रांत यादव, सरिता सक्सेना (एंटी क्रुएल्टी इंस्पेक्टर), शिवांश श्रीवास्तव, आकाश परासरी, निखिल वर्मा, सूरज दिवाकर, गौ सेवक सुमित शर्मा और टीम ऋषि देव सिंह यादव सहित कई पशु प्रेमी मौजूद रहे।
मामले को लेकर शहर में पशु प्रेमियों के बीच चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें नगर निगम प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
