नाजिया इलाही खान की कथित टिप्पणी पर बरेली में विरोध, कार्रवाई की मांग को लेकर एसपी सिटी को सौंपा ज्ञापन
रिपोर्ट राजेश सिंह
बरेली। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नाजिया इलाही खान की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर बरेली में विरोध तेज हो गया है। दरगाह आला हजरत और ताजुशरिया से जुड़े संगठन जमात रज़ा-ए-मुस्तफा के पदाधिकारियों ने गुरुवार को एसपी सिटी से मुलाकात कर मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में धार्मिक हस्तियों के संबंध में की गई कथित टिप्पणी से मुस्लिम समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।
जमात रज़ा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान उर्फ फरमान मियां के निर्देशन में संगठन का प्रतिनिधिमंडल एसपी सिटी कार्यालय पहुंचा और एसपी सिटी मानुष पारीक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि संबंधित वीडियो की वजह से समाज में रोष व्याप्त है तथा ऐसी टिप्पणियां सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे को प्रभावित कर सकती हैं।
एफआईआर दर्ज करने और वीडियो हटाने की उठी मांग
संगठन ने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने तथा सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने से जुड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही विवादित वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटवाने की भी मांग की गई।
धार्मिक सम्मान और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर दिया जोर
इस दौरान फरमान मियां ने कहा कि धार्मिक हस्तियों का सम्मान करना हर समुदाय की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म या उसके पूजनीय व्यक्तित्वों के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी समाज में तनाव पैदा कर सकती है। ऐसे मामलों में प्रशासन को समय रहते उचित कदम उठाने चाहिए ताकि शांति और सौहार्द बना रहे।
कानून के दायरे में रहकर उठाई गई आवाज
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उन्होंने अपनी मांग को पूरी तरह लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से प्रशासन के सामने रखा है। उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि धार्मिक भावनाओं के सम्मान और कानून के पालन की मांग करना है। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया।
बड़ी संख्या में पदाधिकारी रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान डॉ. मेहंदी, शाईब उद्दीन रज़वी, सय्यद इकरार एडवोकेट, राशिद खान एडवोकेट, अकबर हुसैन एडवोकेट, नूरजहां एडवोकेट, हाफिज तौसीफ, मुफ्ती रहबर, मौलाना फरमान, जुबैर नबी, इलयास खान, रिजवान अली, मोहम्मद जुबैर, अदनान, फरमान हुसैन, मोहम्मद कमर रज़वी, बिलाल रज़ा घोसी, जुनैद रज़ा अज़हरी, कमर रज़ा और वसीम रज़ा सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले को नियमानुसार जांच कराने का आश्वासन दिया।


