भाजपा में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल: पूरन लाल लोधी बने ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष, दुर्विजय सिंह को मिली प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी
रिपोर्ट राजेश सिंह
बरेली/लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया। पार्टी नेतृत्व ने वरिष्ठ भाजपा नेता पूरन लाल लोधी को ब्रज क्षेत्र का नया क्षेत्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है, जबकि वर्तमान क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह को पदोन्नत करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। भाजपा के इस फैसले को आगामी विधानसभा चुनाव 2027 और संगठन विस्तार की रणनीति के तहत एक अहम कदम माना जा रहा है।
पूरन लाल लोधी को मिली ब्रज क्षेत्र की कमान
भाजपा संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे पूरन लाल लोधी को ब्रज क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। संगठन के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन कर चुके पूरन लाल लोधी को जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ रखने वाला नेता माना जाता है। पार्टी नेतृत्व को विश्वास है कि उनके नेतृत्व में ब्रज क्षेत्र में संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और बूथ स्तर तक पार्टी की पकड़ और मजबूत होगी।
दुर्विजय सिंह को मिला बड़ा दायित्व
ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष के रूप में दुर्विजय सिंह का कार्यकाल संगठन विस्तार और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के लिए याद किया जाएगा। उनके नेतृत्व में क्षेत्र में संगठनात्मक गतिविधियों को गति मिली और पार्टी का जनसंपर्क अभियान भी मजबूत हुआ। प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए जाने को उनके अनुभव, समर्पण और संगठन के प्रति योगदान का सम्मान माना जा रहा है। अब वे प्रदेश स्तर पर संगठन को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा फैसला
राजनीतिक जानकार भाजपा के इस बदलाव को आगामी विधानसभा चुनाव 2027 और भविष्य की चुनावी रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश का ब्रज क्षेत्र भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में नए नेतृत्व के जरिए पार्टी संगठन को और मजबूत करने तथा कार्यकर्ताओं को सक्रिय बनाए रखने की कोशिश कर रही है।
कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर
नई नियुक्तियों की घोषणा के बाद ब्रज क्षेत्र सहित प्रदेशभर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने खुशी जाहिर की। जिला, मंडल और बूथ स्तर के पदाधिकारियों ने दोनों नेताओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि नए नेतृत्व में संगठन और अधिक सशक्त होगा तथा जनता के बीच भाजपा की पहुंच और प्रभाव में वृद्धि होगी।
भाजपा का यह संगठनात्मक बदलाव आने वाले समय में पार्टी की राजनीतिक और संगठनात्मक रणनीति को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


