
पुराना शहर कि युवती से धोखे व शोषण का गंभीर आरोप: पवन बनकर मिला,दूसरे समुदाय का युवक
फिरोज खान/यूपी हेड
रिपोर्ट/राजेश सिंह
असली नाम निकला शोएब; जबरन गर्भपात कराने का भी आरोप
बरेली। नाथ नगरी बरेली में एक युवती ने पहचान छिपाकर प्रेम संबंध बनाने, शादी का झांसा देने और एक साल तक शारीरिक शोषण करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि युवक ने खुद को पवन बताकर उससे नजदीकियां बढ़ाईं, जबकि बाद में पता चला कि उसका नाम शोएब अब्बासी है। युवती का आरोप है कि असलियत सामने आने के बाद आरोपी ने धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने और बदनाम करने की धमकी दी।
पार्टी में हुई मुलाकात, ‘पवन’ बनकर जीता भरोसा
बारादरी थाना क्षेत्र के संजय नगर की रहने वाली युवती के मुताबिक, उसकी मुलाकात एक पार्टी के दौरान पवन नाम से परिचय देने वाले युवक से हुई थी। वहीं से बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ और नजदीकियां बढ़ती चली गईं। कुछ समय बाद उसे पता चला कि युवक का वास्तविक नाम शोएब अब्बासी, निवासी जोगीनवादा है। यह जानकर युवती हैरान रह गई।
शादी का झांसा देकर होटल बुलाने का आरोप
पीड़िता ने बताया कि शोएब लगातार शादी का भरोसा दिलाता रहा और इसी बहाने उसे होटल बुलाकर कई बार शारीरिक संबंध बनाए। युवती का आरोप है कि वह हर बार शादी की बात पर टालमटोल करता रहा।
एक साल तक शोषण, जबरन गर्भपात का भी आरोप
युवती के अनुसार, यह सिलसिला करीब एक साल तक चलता रहा। इस दौरान वह गर्भवती भी हुई, लेकिन आरोप है कि शोएब ने जबरन उसका गर्भपात करा दिया। जब युवती ने खुद पड़ताल कर उसके घर पहुंचकर स्थिति समझने की कोशिश की तो उसे पता चला कि शोएब पहले से शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। इस खुलासे ने उसे पूरी तरह तोड़ दिया।
पुलिस पर भी गंभीर आरोप—‘सुनवाई नहीं हुई, उल्टा भगा दिया’
पीड़िता ने दावा किया कि जब वह न्याय के लिए पुलिस के पास पहुंची, तो उसकी बात को गंभीरता से नहीं सुना गया। युवती का आरोप है कि आरोपी पक्ष ने उसके साथ मारपीट कर उसे भगा भी दिया, लेकिन स्थानीय पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार न्याय के लिए भटक रही युवती ने अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मदद की गुहार लगाई है। पीड़िता चाहती है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और उसे न्याय मिल सके।
जांच की मांग पर जोर पीड़िता का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को तुरंत सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए, ताकि आरोपी किसी भी तरह से बच न सके।