फरीदपुर के जनप्रिय विधायक प्रो. डॉ. श्याम बिहारी लाल का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
रिपोर्ट /राजेश सिंह
बरेली। फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक और जनसेवा की मिसाल रहे प्रोफेसर डॉ. श्याम बिहारी लाल का शनिवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। स्टेशन रोड स्थित श्मशान भूमि पर पुलिस टुकड़ी द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। सलामी के बाद उनके पुत्र ने कांपते हाथों से पिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य देख वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
‘श्याम बिहारी लाल अमर रहें’ के नारों के बीच निकली अंतिम यात्रा
शक्ति नगर कॉलोनी स्थित उनके आवास से जैसे ही अंतिम यात्रा प्रारंभ हुई, पूरा क्षेत्र शोक और सम्मान के नारों से गूंज उठा। हजारों की संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। फरीदपुर का बाजार स्वतः बंद रहा, जो किसी प्रशासनिक आदेश नहीं बल्कि जनता के सच्चे प्रेम और श्रद्धा का प्रतीक था।
बीमारी से जूझते रहे, लेकिन सेवा नहीं छोड़ी
प्रो. श्याम बिहारी लाल ने जीवन में कई गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना किया। वर्ष 2007 में उनकी बाईपास सर्जरी हुई थी और कुछ माह पूर्व दिल्ली के अपोलो अस्पताल में एंजियोप्लास्टी भी कराई गई थी। इसके बावजूद वे अंतिम समय तक क्षेत्र के विकास और जनसमस्याओं के समाधान में सक्रिय रहे। लोग उन्हें सिर्फ विधायक नहीं, बल्कि हर समस्या सुनने वाले अपने “प्रोफेसर साहब” के रूप में जानते थे।
मुख्यमंत्री योगी ने दी श्रद्धांजलि
शनिवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं दिवंगत विधायक के आवास पहुंचे। उन्होंने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिजनों से मिलकर सांत्वना व्यक्त की। मुख्यमंत्री करीब 15 मिनट तक परिवार के साथ रहे और प्रो. श्याम बिहारी लाल के जनसेवा से जुड़े योगदान को स्मरण किया।
अंतिम विदाई में उमड़ा जनप्रतिनिधियों का सैलाब
अंतिम यात्रा और संस्कार में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, वन राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, ब्रज क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्गविजय सिंह शाक्य, मेयर उमेश गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ नेता और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम थे, लेकिन भावनाओं का सैलाब हर व्यवस्था से बड़ा नजर आया।
बैठक के दौरान बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में निधन
शुक्रवार को सर्किट हाउस में एक बैठक के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने हृदयाघात से निधन की पुष्टि की। खबर फैलते ही फरीदपुर और बरेली में शोक की लहर दौड़ गई।
आखिरी सांस तक विकास की चिंता
बताया जाता है कि बैठक के दौरान भी वे अहिच्छत्र क्षेत्र के मंदिरों को पर्यटन से जोड़ने, नाथ कॉरिडोर और बरेली के ऐतिहासिक स्थलों को प्रमुखता देने जैसे सुझाव दे रहे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यही उनकी अंतिम बैठक होगी।
फरीदपुर ने खोया अपना मार्गदर्शक
प्रोफेसर डॉ. श्याम बिहारी लाल भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी सादगी, संघर्ष और जनसेवा की विरासत हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी।
श्रद्धांजलि प्रोफेसर साहब—आप सदैव स्मृतियों में अमर रहेंगे।