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बरेली उपद्रव प्रकरण:मौलाना तौकीर रज़ा 15 आरोपियों को बड़ी राहत, अदालत ने जमानत मंजूर की

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बरेली उपद्रव प्रकरण:मौलाना तौकीर रज़ा 15 आरोपियों को बड़ी राहत, अदालत ने जमानत मंजूर की

फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/राजेश सिंह

अन्य लंबित मामलों में आदेश जारी होने तक जेल में रहेंगे सभी आरोपी

बरेली में 26 सितंबर को हुए उपद्रव से जुड़े मामलों में मंगलवार को बड़ी कानूनी राहत सामने आई है। अपर सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या चार, अमृता शुक्ला ने 15 आरोपियों की जमानत याचिकाएँ स्वीकार करते हुए उन्हें बंधपत्र पर रिहा करने का आदेश दिया। हालांकि, इन सभी आरोपियों की जेल से रिहाई फिलहाल संभव नहीं है, क्योंकि उन पर दर्ज अन्य मुकदमों में अभी जमानत आदेश जारी नहीं हुए हैं।

उपद्रव से जुड़े पाँच थाना क्षेत्रों—कोतवाली, प्रेमनगर, किला, बारादरी और अन्य क्षेत्रों—में कुल दस मुकदमे दर्ज हैं। सभी मामलों में अलग-अलग स्तर पर सुनवाई चल रही है।

मौलाना तौकीर रज़ा को मिली राहत

मौलाना तौकीर रज़ा सहित कई अन्य आरोपियों ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से जमानत याचिकाएँ दाखिल की थीं। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने कोतवाली और प्रेमनगर थाने में दर्ज एक-एक मामले में मौलाना की जमानत मंजूर कर दी। इससे पहले भी एक अन्य केस में मौलाना को जमानत मिल चुकी है।

अन्य आरोपियों को भी जमानत मंजूर

अलग-अलग थाना क्षेत्रों से निम्नलिखित आरोपियों को जमानत मिली है—

किला थाना क्षेत्र: कंघी टोला निवासी नफीस, नीम वाली मस्जिद क्षेत्र के फरहाज, बिहारीपुर मेमरान निवासी मुनीर इदरीशी।

बारादरी थाना क्षेत्र: फाइक एन्क्लेव निवासी मोइन, फरहत और रफीक को एक मामले में राहत।

चक महमूद क्षेत्र: नदीम खान और बबलू खान को दो मामलों में जमानत।

अन्य क्षेत्र: शाहबाद निवासी अल्तमस, हाजियापुर निवासी नाजिद रज़ा खान।

कोतवाली क्षेत्र में भी कई को राहत

कोतवाली थाने में दर्ज प्रकरण में मौलाना तौकीर रज़ा के अलावा रोहिली टोला बजरिया निवासी मोहम्मद नदीम खान, फाइक एन्क्लेव निवासी मोइन खान और फरहत खान, भूड़ काहाड़ापीर निवासी अमान हुसैन तथा नगरिया परीक्षित निवासी जीशान की जमानत याचिकाएँ भी अदालत ने स्वीकार कर ली हैं।

फिलहाल जेल में रहेंगे सभी आरोपी

अदालत की ओर से जमानत मंजूर होने के बावजूद किसी भी आरोपी की रिहाई तुरंत संभव नहीं है। उन पर दर्ज अन्य मामलों में जमानत आदेश लंबित हैं। उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में इन मुकदमों पर भी सुनवाई होगी, जिसके बाद आरोपियों की रिहाई का मार्ग साफ हो सकता है।

यह फैसला उपद्रव से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण विकास माना जा रहा है, जिससे कई परिवारों ने राहत की सांस ली है।

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