बरेली की बदहाल बिजली व्यवस्था पर बड़ी कार्रवाई: मुख्य अभियंता हटाए गए, नए चीफ इंजीनियर की तैनाती
रिपोर्ट सत्य प्रकाश
बरेली में लगातार बिगड़ती बिजली व्यवस्था, बढ़ती उपभोक्ता शिकायतों और अघोषित बिजली कटौती को लेकर मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एमवीवीएनएल) ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। निगम की प्रबंध निदेशक रिया केजरीवाल के निर्देश पर बरेली के मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) ज्ञान प्रकाश को तत्काल प्रभाव से पद से हटाकर निगम मुख्यालय लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया है। वहीं अधीक्षण अभियंता (ग्रामीण) ज्ञानेंद्र सिंह का तबादला दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम में कर दिया गया है। उनकी जगह निगम मुख्यालय में संबद्ध रहे अखिलेश कुमार सिंह को बरेली प्रथम जोन का नया मुख्य अभियंता बनाया गया है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब जिले के शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कई दिनों से बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। बार-बार ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज, ट्रांसफार्मर खराब होने, लोकल फॉल्ट और घंटों तक अघोषित बिजली कटौती से आमजन परेशान हैं। हालात इतने खराब रहे कि कई इलाकों में लोगों ने विद्युत उपकेंद्रों का घेराव किया, विरोध प्रदर्शन किए और जनप्रतिनिधियों ने भी विभागीय अधिकारियों के समक्ष लगातार शिकायतें दर्ज कराईं।
बिजली विभाग के आंकड़ों के अनुसार जून माह में 1912 हेल्पलाइन पर 47 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं, जो जिले की बदहाल बिजली व्यवस्था की तस्वीर बयां करती हैं। प्रदेश सरकार के वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने भी ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर बरेली की बिजली आपूर्ति में तत्काल सुधार की मांग की थी। नगर निगम के पार्षदों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी समीक्षा बैठकों में विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे।
गुरुवार को हुई बारिश ने बिजली व्यवस्था की कमियों को और उजागर कर दिया। शहर के कई हिस्सों में फॉल्ट और ट्रिपिंग के कारण घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही। रामपुर गार्डन उपकेंद्र से दोपहर करीब एक बजे से शाम छह बजे तक सप्लाई ठप रहने से सरकारी कार्यालयों का कामकाज भी प्रभावित हुआ। इसके अलावा दुर्गानगर, मिशन कंपाउंड, महानगर, कुतुबखाना, जगतपुर, सुभाषनगर, सीबीगंज, हरूनगला, सनसिटी, डेलापीर और सिविल लाइंस समेत कई इलाकों में लंबे समय तक बिजली गुल रही। कई स्थानों पर वोल्टेज के उतार-चढ़ाव और बिजली के खंभों में करंट उतरने की शिकायतें भी सामने आईं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बना रहा।
इधर, बिजली आपूर्ति सुधारने के साथ विभाग ने बिजली चोरी के खिलाफ भी विशेष अभियान तेज कर दिया है। जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से गठित 10 टीमों ने मॉर्निंग रेड अभियान चलाकर विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी की। इस दौरान 36 परिसरों में एलटी लाइन से कटिया डालकर बिजली चोरी करते लोगों को पकड़ा गया। सभी मामलों में संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बिजली विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए निगरानी और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। साथ ही लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि जिले की बिजली व्यवस्था में जल्द सुधार लाया जा सके।
