बरेली में एम्स और गौशाला मुद्दे पर सियासी घमासान, सांसद नीरज मौर्य का सरकार पर सीधा हमला
रिपोर्ट /सत्य प्रकाश
बरेली। जनपद दौरे पर पहुंचे आंवला से सांसद नीरज मौर्य ने प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर तीखा प्रहार करते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं और गौशालाओं की स्थिति को लेकर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जनता अब आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी परिणाम देखना चाहती है।
“एम्स सिर्फ वादों में, धरातल पर कुछ नहीं”
सांसद ने कहा कि बरेली जैसे बड़े जनपद को उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थान की सख्त जरूरत है, लेकिन वर्षों से यहां एम्स लाने की बात केवल प्रयासों तक सीमित है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब केंद्र और प्रदेश में एक ही दल की सरकार है, तो फिर ठोस निर्णय लेने में देरी क्यों हो रही है? उन्होंने मांग की कि एम्स स्थापना की दिशा में स्पष्ट रोडमैप और समयसीमा घोषित की जाए।
गौशालाओं की स्थिति पर गंभीर आरोप
प्रदेश की गौशालाओं की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाते हुए सांसद ने कहा कि कई स्थानों पर अव्यवस्थाओं की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिम्मेदार विभाग को जमीनी हालात सुधारने पर प्राथमिकता देनी चाहिए, क्योंकि गायों की मौत जैसी घटनाएं बेहद गंभीर विषय हैं।
निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग
सांसद ने कहा कि यदि कहीं भी लापरवाही या कुप्रबंधन सामने आता है तो जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने मामले में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए।
अंत में सांसद ने दो टूक कहा कि विकास और जनहित के मुद्दों पर राजनीति नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई जरूरी है। जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और पशुधन संरक्षण की प्रभावी व्यवस्था मिलनी ही चाहिए।


