बरेली में बकरीद की तैयारियां पूरी, 28 मई को अदा होगी ईद-उल-अज़हा की नमाज़
शहर की मुख्य ईद की नमाज़ सुबह 10 बजे बाकरगंज ईदगाह में, रज़ा मस्जिद में सबसे आखिरी नमाज़ 10:30 बजे
बरेली में ईद-उल-अज़हा (बकरीद) को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। 28 मई 2026 को मनाए जाने वाले इस पवित्र पर्व के लिए शहर की ईदगाहों, दरगाहों, खानकाहों और प्रमुख मस्जिदों में नमाज़ के समय जारी कर दिए गए हैं। धार्मिक उत्साह के बीच इंतजामिया कमेटियों ने नमाजियों से समय से पहुंचने, ट्रैफिक व्यवस्था का पालन करने और भाईचारा बनाए रखने की अपील की है।
शहर की सबसे बड़ी और मुख्य ईद की नमाज़ बाकरगंज स्थित ईदगाह में सुबह 10 बजे अदा की जाएगी। वहीं सबसे आखिरी नमाज़ दरगाह आला हज़रत की रज़ा मस्जिद में सुबह 10:30 बजे होगी। दरगाह आला हज़रत के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि नमाजियों की भारी भीड़ और ट्रैफिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग समय तय किए गए हैं।
सुबह 5:35 बजे से शुरू होगी नमाज़ें
शहर में सबसे पहले ईद की नमाज़ बाजार संदल खान स्थित दरगाह वली मियां की चांद मस्जिद में सुबह 5:35 बजे अदा की जाएगी। इसके बाद विभिन्न इलाकों की मस्जिदों में क्रमवार नमाज़ का सिलसिला चलता रहेगा।
गढ़ी मस्जिद में दो शिफ्टों में नमाज़
गढ़ी चौकी स्थित गढ़ी मस्जिद में हर साल की तरह इस बार भी भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए दो शिफ्टों में नमाज़ कराने का निर्णय लिया गया है। पहली जमात सुबह 7 बजे और दूसरी जमात सुबह 7:30 बजे होगी।
प्रमुख मस्जिदों में नमाज़ का समय
सुबह 6 बजे से 8:30 बजे तक शहर की कुतुबखाना, मलूकपुर, हजियापुर, किला, कांकर टोला, काज़ी टोला, एजाज़ नगर, जखीरा, सुभाषनगर, कैंट, रेती और गुलाब नगर समेत कई प्रमुख मस्जिदों और खानकाहों में ईद की नमाज़ अदा की जाएगी।
सुबह 9 बजे दरगाह शाहदाना वली, किला जामा मस्जिद, नौमहला मस्जिद और दादा मियां मस्जिद में नमाज़ होगी। इसके बाद सुबह 10 बजे बाकरगंज ईदगाह में मुख्य नमाज़ अदा की जाएगी।
प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बकरीद को लेकर प्रशासन और पुलिस भी पूरी तरह सतर्क है। शहर के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष रूट प्लान भी तैयार किया गया है।
इंतजामिया कमेटियों ने लोगों से अपील की है कि वे तय समय से पहले नमाज़ स्थल पर पहुंचें, वाहनों को निर्धारित स्थानों पर ही खड़ा करें और त्योहार को शांतिपूर्ण एवं भाईचारे के माहौल में मनाएं।
