बरेली में साइबर ठगों का कहर: डिजिटल अरेस्ट, ट्रेडिंग और ऑनलाइन फ्रेंडशिप के नाम पर लाखों की ठगी
फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/राजेश सिंह
बरेली। शहर में साइबर ठग लगातार नए तरीके अपनाकर लोगों को शिकार बना रहे हैं। ताजा मामलों में तीन अलग-अलग लोगों के साथ डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ट्रेडिंग और फेसबुक फ्रेंडशिप के नाम पर लाखों रुपये की ठगी की गई। सभी मामलों में संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है।
डिजिटल अरेस्ट कर उड़ाए 68,450 रुपये
इज्जतनगर थाना क्षेत्र के महानगर उद्यान पार्ट-2 निवासी सैयद हुसैन शमीम नकवी को साइबर ठगों ने “डिजिटल अरेस्ट” में लेकर 68,450 रुपये ठग लिए।
18 नवंबर को उनके व्हाट्सऐप नंबर पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए कहा कि उन्होंने हवाला की रकम मंगाई है, इसलिए उन पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
घबराए पीड़ित ने सफाई दी कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया, लेकिन ठगों ने धमकाकर “फाइल ओपन कराने” के नाम पर पहले 1,500 रुपये ट्रांसफर करवाए। इसके बाद अलग-अलग बहानों से रकम बढ़ाते हुए कुल 68,450 रुपये निकलवा लिए।
जब पीड़ित को शक हुआ, तो उन्होंने कॉल काटा और थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ट्रेडिंग के नाम पर 6.05 लाख की ठगी
बारादरी थाना क्षेत्र के काजी टोला निवासी जियाउल अंसारी साइबर ठगों के नए ट्रेडिंग मॉडल का शिकार बने।
21 अगस्त को व्हाट्सऐप पर आए एक संदेश में उन्हें शेयर मार्केट में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। प्रारंभ में ठगों ने कुछ लाभ दिखाकर उनका विश्वास जीता और फिर उन्हें दूसरे प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग कराने के लिए मजबूर किया।
जियाउल के अनुसार, ठगों ने अलग-अलग चरणों में उनसे 6.05 लाख रुपये निवेश कराए और बाद में पूरी रकम को नुकसान बताकर गायब हो गए। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फेसबुक फ्रेंड रिक्वेस्ट से फंसाया, 9.46 लाख की ठगी
प्रेमनगर निवासी रजत कुमार गुप्ता ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि फेसबुक पर उन्हें रितिक गोस्वामी नाम की एक लड़की की रिक्वेस्ट आई। रिक्वेस्ट स्वीकार करने पर दोनों में बातचीत शुरू हो गई और कुछ ही दिनों में WhatsApp चैटिंग भी होने लगी।
कुछ समय बाद उस युवती ने Verygreatstore.com नाम के एक प्लेटफॉर्म पर निवेश करने का दबाव बनाया।
22 जुलाई से 3 नवंबर के बीच पीड़ित से 9.46 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए गए।
रकम भेजने के बाद युवती और वेबसाइट दोनों संपर्क से बाहर हो गए।
पीड़ित की शिकायत पर साइबर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।
पुलिस की अपील पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉलर के दबाव में न आएं।
खुद को सीबीआई/एजेंसी बताने वालों की तुरंत जांच करवाएं।
ट्रेडिंग, निवेश या उपहार के नाम पर आई किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।
साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
बरेली पुलिस सभी मामलों की पड़ताल कर रही है और साइबर ठगों की तलाश में लगी है।


