बुलडोजर पर लगा ब्रेक: कानूनी पेच में फंसा ‘पहलवान साहब मजार मार्केट’ विवाद,फिलहाल नहीं होगा ध्वस्तीकरण मामला हाईकोर्ट पहुँचा
फिरोज खान भास्कर टुडे
नगर निगम ने न्यायालय से मांगी वैधानिक दिशा–निर्देश, कोर्ट के आदेश तक कार्यवाही स्थगित
बरेली -पहलवान साहब मजार मार्केट की विवादित दुकानों पर चलने वाले बुलडोजर की रफ्तार पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। कानूनी पेच और वक्फ संपत्ति से जुड़े विवाद के चलते नगर निगम ने इन दुकानों के ध्वस्तीकरण की कार्यवाही को अस्थायी रूप से रोक दिया है। अब नगर निगम ने इस पूरे मामले को लेकर हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है और अदालत से स्पष्ट गाइडलाइन मांगी है। कोर्ट के दिशा–निर्देशों के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
नगर निगम आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि “पहलवान साहब मजार मार्केट की दुकानों का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इस स्थिति में किसी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्यवाही करना उचित नहीं होगा। न्यायालय से प्राप्त दिशा–निर्देशों के बाद ही वैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप अगला कदम उठाया जाएगा।”
विवाद की जड़ में वक्फ संपत्ति का दावा
पहलवान साहब मजार मार्केट कैंट क्षेत्र की लगभग 74 दुकानों को नगर निगम ने कुछ समय पहले अवैध निर्माण और अतिक्रमण की श्रेणी में रखते हुए सील किया था। इस कार्रवाई के बाद कई दुकानदारों ने अपना सामान निकाल लिया था। वहीं, इंतज़ामिया कमेटी द्वारा सील की गई दुकानों पर बैनर लगाकर यह घोषणा की गई कि ये संपत्तियां वक्फ बोर्ड लखनऊ की हैं और यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
कमेटी ने यह भी बताया कि “इस संपत्ति पर न्यायालय द्वारा पहले ही स्थगन आदेश जारी किया गया है।” ऐसे में नगर निगम की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग उठी। अब, वक्फ बोर्ड और नगर निगम के बीच स्वामित्व विवाद के चलते पूरा मामला कानूनी पेच में उलझ गया है।
हाईकोर्ट में पेश हुआ पूरा ब्यौरा
नगर निगम ने उच्च न्यायालय में इस विवाद से जुड़ी सभी वैधानिक जानकारियां और मौजूदा वास्तुस्थिति का विस्तृत ब्यौरा पेश किया है। निगम का तर्क है कि जब तक न्यायालय से स्पष्ट आदेश नहीं मिल जाता, तब तक किसी भी तरह की ध्वस्तीकरण या कब्जा हटाने की कार्रवाई नहीं की जा सकती।
संजीव कुमार मौर्य ने कहा कि “हमने उच्च न्यायालय से अनुरोध किया है कि इस विवाद में स्पष्ट गाइडलाइन जारी की जाए ताकि भविष्य में किसी कानूनी उलझन से बचा जा सके। अदालत के आदेश मिलते ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।”
इस कानूनी पहल के बाद नगर निगम की बुलडोजर कार्यवाही पर फिलहाल रोक लग गई है। यानी, पहलवान साहब मजार मार्केट की दुकानों का भविष्य अब पूरी तरह न्यायालय के निर्णय पर निर्भर करेगा।
अब कोहाड़ापीर शाहाबाद में चलेगा बुलडोजर: 27 अवैध मकानों पर गिरेगा निगम का हथौड़ा
तीन दिन के शॉर्ट नोटिस के बाद होगी कार्रवाई, कब्जेदारों से वसूला जाएगा ध्वस्तीकरण का खर्च
बरेली।जहां एक ओर पहलवान साहब मार्केट की दुकानों पर बुलडोजर को कानूनी ब्रेक लग गया है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम ने अब कोहाड़ापीर शाहवाद क्षेत्र में 27 अवैध मकानों पर कार्यवाही की तैयारी पूरी कर ली है।
जानकारी के अनुसार, शाहवाद प्राथमिक विद्यालय से सटी नगर निगम की जमीन पर कई लोगों ने अवैध कब्जा कर पक्के मकान खड़े कर लिए हैं। निगम ने जांच में पाया कि कब्जेदारों ने न केवल गलत हलफनामे दिए, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ भी हासिल किया है।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि “अवैध कब्जेदारों को पहले ही 15 दिन का अल्टीमेटम दिया जा चुका है कि वे स्वयं मकान खाली कर दें। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो तीन दिन के शॉर्ट नोटिस के बाद बुलडोजर चलाया जाएगा।”
नगर निगम ने साफ किया है कि ध्वस्तीकरण की लागत भी कब्जेदारों से वसूली जाएगी। निगम का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई हाईकोर्ट की गाइडलाइन के अनुरूप और वैधानिक प्रक्रिया के तहत की जाएगी।
प्रशासन सख्त, कब्जाधारकों में हड़कंप
नगर निगम की सख्ती के बाद शाहवाद क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों में खलबली मच गई है। प्रशासन ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी स्थिति में नगर निगम की भूमि पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पहलवान साहब मजार मार्केट की 74 दुकानों का मामला कानूनी पेच में फंसा।
नगर निगम ने हाईकोर्ट से मांगी गाइडलाइन, फिलहाल नहीं होगा ध्वस्तीकरण।
वक्फ संपत्ति का दावा होने से मामला हुआ जटिल।
कोहाड़ापीर शाहवाद में नगर निगम की भूमि पर बने 27 अवैध मकानों को हटाने की तैयारी पूरी।
कब्जेदारों को 15 दिन का समय, फिर तीन दिन के शॉर्ट नोटिस के बाद बुलडोजर चलेगा।
ध्वस्तीकरण का खर्च अवैध कब्जेदारों से वसूला जाएगा।
