महिला सूदखोर की धमकी से दहशत में पीड़ित परिवार,
फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/हैदर अली
बरेली शहर में सूदखोरों का बोलबाला!
बरेली। शहर में सूदखोरों के आतंक का ग्राफ तेजी से बढ़ता जा रहा है। थाना बारादरी क्षेत्र के सूफी टोला निवासी सुभान खान महिला सूदखोर मोनिका गुप्ता उर्फ मोहिनी पत्नी राजीव गुप्ता निवासी मीरा की पैठ,
पुराना शहर की धमकियों से डरा और सहमा हुआ है। पीड़ित ने बताया कि उसने अपनी जरूरत पर मार्च 2024 में 50 हजार व अप्रैल 2024 में 20 हजार रुपये मोनिका गुप्ता से उधार लिए थे।
सुरक्षा के तौर पर उसने दो सादे चेक और एक स्टांप उस समय दिए थे। बाद में उसने पूरी रकम और ब्याज दोनों चुका दिए, लेकिन जब उसने अपने चेक और स्टांप मांगे तो सूदखोर महिला ने टालमटोल शुरू कर दी।
पीड़ित के मुताबिक, 12 अक्टूबर 2025 को जब उसने चेक और स्टांप वापस मांगे तो मोनिका गुप्ता आगबबूला हो गई और एक लाख रुपये की अतिरिक्त मांग कर दी। उसने धमकी दी
“अगर एक लाख नहीं दिए तो तेरे चेक में दो-दो लाख भरकर मुकदमा ठोंक दूंगी और जेल भिजवा दूंगी।”
16 अक्टूबर को दोपहर करीब 12:30 बजे मोनिका गुप्ता अपनी बेटी और तीन साथियों के साथ पीड़ित के घर पहुंची, गालियां दीं, मारपीट की और कहा कि अगर एक लाख रुपये नहीं दिए तो उसकी बेटी से झूठा बलात्कार का केस दर्ज करवा देगी।
पीड़ित ने इस घटना की शिकायत थाना बारादरी में की और सबूत के तौर पर ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी। लेकिन, पुलिस अब तक चुप है।
अब मोनिका गुप्ता ने फिर फोन कर धमकी दी है कि
“कल सुबह तेरे घर आकर पैसा बसूल करूंगी और तुझे मार दूंगी।”
इससे डरा हुआ सुभान खान व उसका परिवार पुलिस की कार्यवाही का इंतजार कर रहा है।
इधर, थाना किला क्षेत्र में भी सूदखोरों की दहशत का एक और मामला सामने आया है। यहां के रहने वाले फिरोज़ नामक युवक को भी सूदखोरों ने मारने की धमकियां दी थीं। परिजनों के अनुसार फिरोज़ तीन दिन से लापता है और अब तक कोई सुराग नहीं मिला। परिवार को अनहोनी की आशंका सता रही है।
शहर में सूदखोरों का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है। गरीब और जरूरतमंद लोग इनके जाल में फंसकर बर्बाद हो रहे हैं। कई शिकायतों के बावजूद पुलिस की चुप्पी सवाल खड़े कर रही है कि आखिर इन सूदखोरों को संरक्षण कौन दे रहा है?
पीड़ितों की मांग है कि प्रशासन इन सूदखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर शहर को इस बढ़ते भय से मुक्त कराए।


