मानसून की पहली तेज बारिश में डूबा बरेली, सुभाषनगर पुलिया के नीचे जलभराव से लोगों का निकलना हुआ मुश्किल
रिपोर्ट सत्य प्रकाश
बरेली। जिले में मानसून ने जोर पकड़ लिया है। मंगलवार रात से शुरू हुई बारिश बुधवार को पूरे दिन रुक-रुककर होती रही, जबकि देर शाम हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की सड़कों और निचले इलाकों को जलमग्न कर दिया। गुरुवार सुबह भी बादलों की आवाजाही और रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रहा। मौसम विभाग ने पिछले 24 घंटे में 31.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज करते हुए अगले दो दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है।
सुभाषनगर पुलिया के नीचे भरा पानी, लोगों की बढ़ी परेशानी
बारिश का सबसे अधिक असर सुभाषनगर पुलिया के नीचे देखने को मिला, जहां भारी जलभराव के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पुलिया के नीचे कई फीट तक पानी भर जाने से दोपहिया वाहन चालकों को रास्ता बदलना पड़ा, जबकि कई वाहन पानी में बंद हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बारिश में यही स्थिति बन जाती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकाला जा रहा है।
हाल ही में हुई थी सफाई, फिर भी नहीं मिली राहत
नगर निगम की ओर से कुछ दिन पहले ही नालों और पुलिया क्षेत्र की सफाई कराए जाने का दावा किया गया था, लेकिन पहली तेज बारिश ने इन तैयारियों की पोल खोल दी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सफाई केवल औपचारिकता साबित हुई और जल निकासी की व्यवस्था प्रभावी नहीं होने के कारण बारिश का पानी घंटों तक जमा रहा। लोगों ने नगर निगम से स्थायी जल निकासी व्यवस्था बनाने की मांग की है।
शहर के कई इलाकों में जलभराव
सुभाषनगर के अलावा शहर के कई निचले इलाकों और पॉश कॉलोनियों में भी पानी भर गया। कई सड़कों पर दो फुट तक जलभराव होने से यातायात प्रभावित रहा और लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। सिकलापुर में बच्चों के थर्माकोल की नाव चलाने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते रहे। वहीं हजियापुर स्थित नारी निकेतन परिसर में भी पानी भर जाने से महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
दो दिन का ऑरेंज अलर्ट, सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने, अनावश्यक यात्रा से बचने और गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। यदि इसी तरह बारिश जारी रही तो शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या और गंभीर हो सकती है।
