मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में दिवंगत विधायक के बेटे को नहीं मिला प्रवेश, सुरक्षा कर्मियों ने गेट पर ही रोका
रिपोर्ट राजेश सिंह
बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंगलवार को जीआईसी ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक घटनाक्रम चर्चा का विषय बन गया। फरीदपुर के दिवंगत विधायक श्याम बिहारी के पुत्र ईशान जब कार्यक्रम शुरू होने के बाद ऑडिटोरियम पहुंचे तो सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने उन्हें मुख्य द्वार पर ही रोक दिया। काफी देर तक पहचान बताने और अंदर जाने का अनुरोध करने के बावजूद उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं मिल सकी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जीआईसी ऑडिटोरियम में पंडित राधेश्याम की प्रतिमा के अनावरण तथा ऑडिटोरियम का नाम बदलकर ‘पंडित राधेश्याम स्मृति भवन’ किए जाने के कार्यक्रम में शामिल थे। इसी दौरान ईशान कार्यक्रम स्थल पहुंचे, लेकिन सुरक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि कार्यक्रम शुरू होने के बाद किसी भी व्यक्ति को अंदर प्रवेश देने की अनुमति नहीं है।
ईशान ने सुरक्षा कर्मियों को बताया कि उनके पिता श्याम बिहारी फरीदपुर विधानसभा से विधायक रह चुके हैं। इसके बावजूद सुरक्षा में लगे अधिकारियों ने वीवीआईपी प्रोटोकॉल और सुरक्षा नियमों का हवाला देते हुए उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। कुछ समय तक गेट पर बातचीत चलती रही, लेकिन नियमों में किसी प्रकार की ढील नहीं दी गई और उन्हें वापस लौटना पड़ा।
उधर, सभागार के भीतर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंडित राधेश्याम की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अपने संबोधन में पंडित राधेश्याम के साहित्यिक और सांस्कृतिक योगदान का उल्लेख करते हुए स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत निर्मित जीआईसी ऑडिटोरियम का नाम बदलकर ‘पंडित राधेश्याम स्मृति भवन’ करने की घोषणा की। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में आमंत्रित अतिथि मौजूद रहे।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री सर्किट हाउस पहुंचे, जहां उन्होंने जिले के विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं, दिवंगत विधायक के पुत्र को सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम में प्रवेश न मिलने की घटना पूरे दिन राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी रही।
