मेरठ में छात्रा हत्याकांड को लेकर उग्र प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट पर लाठीचार्ज; कई हिरासत में, पुलिस पर मारपीट के आरोप
रिपोर्ट सत्य प्रकाश
मेरठ में बीए तृतीय वर्ष की छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट पर उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब बड़ी संख्या में लोग न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे। प्रदर्शनकारी जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने कलेक्ट्रेट का मुख्य गेट बंद कर दिया। इसके विरोध में लोग करीब तीन घंटे तक धरने पर बैठे रहे।
पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे हटने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एसएसपी ने पहले कुछ लोगों के साथ हाथापाई की और बाद में पुलिस वैन के अंदर हिरासत में लिए गए लोगों के साथ भी मारपीट की। हालांकि पुलिस की ओर से इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
शाम करीब साढ़े चार बजे पुलिस ने प्रदर्शन समाप्त कराने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान मौके से 50 से 60 लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेजा गया। पुलिस ने करीब 20 लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया है। इनमें कांग्रेस नेता हेमंत प्रधान, सुशील गौतम, डीएसपी जाटव, प्रमोद शेरगढ़ी, हिमांशु सिद्धार्थ, राहुल गौतम और शशिकांत गौतम समेत अन्य लोगों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान एक वकील ने पुलिस वैन के अंदर गमछे का फंदा बनाकर आत्महत्या का प्रयास भी किया, जिसे पुलिसकर्मियों ने समय रहते रोक लिया। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के कारण कलेक्ट्रेट क्षेत्र में लंबा जाम लग गया था और आम लोगों को भारी परेशानी हो रही थी। इसी वजह से धरना समाप्त कराया गया।
छात्रा की हत्या से मचा था बवाल
टीपीनगर निवासी बीए तृतीय वर्ष की छात्रा ललिता गौतम 15 मई को परीक्षा देने के लिए घर से निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। परिजनों ने उसी दिन उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 17 मई को रोहटा थाना क्षेत्र के उकसिया गांव के गन्ने के खेत में उनका शव बरामद हुआ। घटना के बाद परिजनों ने गैंगरेप के बाद हत्या का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया था।
पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर तीन युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और मुख्य आरोपी अंकुश को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पिछले तीन वर्षों से ललिता का परिचित था और उसे छात्रा के किसी अन्य युवक से बातचीत करने का शक था। इसी विवाद के चलते उसने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। पुलिस ने मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
फिलहाल छात्रा हत्याकांड को लेकर लोगों में भारी आक्रोश बना हुआ है। प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और मारपीट के आरोपों को लेकर भी मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।


