रोहिलखंड यूनिवर्सिटी में वर्क फ्रॉम होम आदेश की अनदेखी, कुछ विभागों में अब भी बुलाया जा रहा स्टाफ
रिपोर्ट राजेश सिंह
बरेली। केंद्र सरकार द्वारा भीषण गर्मी और प्रशासनिक सुविधाओं को देखते हुए कई संस्थानों में सप्ताह में दो दिन “वर्क फ्रॉम होम” व्यवस्था लागू किए जाने के बावजूद महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय के कुछ विभागों में कर्मचारियों को अब भी नियमित रूप से कार्यालय बुलाए जाने का मामला सामने आया है। कर्मचारियों में इसे लेकर नाराजगी और असंतोष देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार विश्वविद्यालय के अधिकांश विभागों में वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था का पालन किया जा रहा है और कई कार्यालय सीमित उपस्थिति के साथ संचालित हो रहे हैं। लेकिन कुछ चुनिंदा विभागों में अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों को प्रतिदिन कार्यालय आने के निर्देश दिए जा रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि इससे उन्हें भीषण गर्मी और आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कई कर्मचारियों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि जब अन्य विभागों में स्टाफ को राहत दी जा रही है, तब कुछ विभागों में अलग नियम लागू किए जा रहे हैं। इससे कर्मचारियों के बीच असमानता की भावना पैदा हो रही है। उनका कहना है कि यदि शासन और प्रशासन की ओर से वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू की गई है तो उसका पालन सभी विभागों में समान रूप से होना चाहिए।
बताया जा रहा है कि कुछ विभागाध्यक्ष अपनी सुविधा अनुसार कर्मचारियों को बुलाकर कार्य करा रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि इससे शासन के निर्देशों की भावना प्रभावित हो रही है। विश्वविद्यालय परिसर में भी इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।
कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था को लेकर स्पष्ट और समान नीति लागू की जाए, ताकि सभी विभागों में एक जैसी व्यवस्था सुनिश्चित हो सके और कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
