लखनऊ अग्निकांड के बाद बरेली में प्रशासन का सख्त एक्शन, दो होटल सील, कोचिंग सेंटरों और मॉल की सुरक्षा व्यवस्थाओं की हुई जांच
रिपोर्ट राजेश सिंह
बरेली। लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बरेली में भी बड़े स्तर पर जांच अभियान चलाया गया। सोमवार को बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने फायर विभाग और पुलिस अधिकारियों के साथ शहर के कोचिंग सेंटरों, होटलों, मॉल और अन्य व्यावसायिक भवनों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर सेटेलाइट रोड स्थित रजनी होटल और सेटेलाइट होटल को सील कर दिया गया।
जांच अभियान की शुरुआत रघुवंशी कॉम्प्लेक्स स्थित एक कोचिंग संस्थान से की गई, जहां फायर फाइटिंग सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट, विद्युत सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। इसके बाद टीम ने शहर के अन्य कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक परिसरों में भी पहुंचकर सुरक्षा मानकों की पड़ताल की। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर फायर सेफ्टी उपकरणों की कमी, आपातकालीन निकासी मार्गों की अपर्याप्त व्यवस्था और सुरक्षा नियमों की अनदेखी सामने आई।
संयुक्त टीम सिटी सेंटर एलए मॉल भी पहुंची, जहां हाल ही में लिफ्ट में 13 लोगों के फंसने की घटना हुई थी। अधिकारियों ने लिफ्ट संचालन व्यवस्था, आपातकालीन अलार्म सिस्टम और सुरक्षा प्रबंधन की जांच की। इस दौरान बीडीए वीसी ने मॉल प्रबंधन से घटना के समय लिफ्ट ऑपरेटर की अनुपस्थिति को लेकर जवाब मांगा और सुरक्षा में लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई।
निरीक्षण में यह भी पाया गया कि कई संस्थानों में फायर एनओसी की स्थिति स्पष्ट नहीं थी, जबकि कुछ स्थानों पर अग्निशमन यंत्र या तो पर्याप्त संख्या में नहीं थे या उनका रखरखाव सही ढंग से नहीं किया गया था। अधिकारियों ने सभी संचालकों को निर्धारित समय के भीतर कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं।
बीडीए वीसी सौम्या पांडेय ने कहा कि छात्रों, कर्मचारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी संस्थान में सुरक्षा मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन संस्थानों में गंभीर खामियां पाई जाएंगी या जो निर्धारित समय में सुधार नहीं करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहरभर में यह अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोका जा सके।
