सीएमओ के औचक निरीक्षण में तीन अस्पतालों में गड़बड़ियां उजागर, बिना पंजीकरण संचालित अस्पताल सहित आयुष्मान योजना में अनियमितता का मामला
रिपोर्ट राजेश सिंह
बरेली। शहर की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत उस समय सामने आ गई जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के औचक निरीक्षण में तीन निजी अस्पतालों में गंभीर अनियमितताएं पकड़ी गईं। जांच के दौरान एक अस्पताल बिना पंजीकरण के नए भवन में संचालित मिलता मिला, जबकि दूसरे अस्पताल में साफ-सफाई और बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन में भारी लापरवाही सामने आई। साथ ही आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को गलत तरीके से भर्ती किए जाने का मामला भी उजागर हुआ।
सीएमओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है और चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बिना अनुमति नए भवन में संचालित मिला अल हिंद अस्पताल
निरीक्षण के दौरान अल हिंद अस्पताल में बड़ी अनियमितता सामने आई। जांच में पता चला कि अस्पताल पहले किसी अन्य भवन में संचालित हो रहा था, लेकिन बिना सीएमओ कार्यालय की अनुमति के उसे नए स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया। नए भवन में अस्पताल का पंजीकरण भी नहीं कराया गया था, इसके बावजूद वहां इलाज जारी था।
मौके पर मौजूद अस्पताल संचालक डॉ. मोईन से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर सीएमओ ने तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी कर विस्तृत जवाब मांगा है।
आला हजरत अस्पताल में गंदगी और बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन में लापरवाही
निरीक्षण के दौरान आला हजरत अस्पताल एंड सर्जिकल सेंटर की स्थिति भी चिंताजनक मिली। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहद खराब थी और बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण तय मानकों के अनुसार नहीं किया जा रहा था। यह स्थिति मरीजों और अस्पताल कर्मियों दोनों के लिए स्वास्थ्य संबंधी खतरा पैदा कर सकती है।
आयुष्मान योजना के नाम पर ICU में भर्ती का संदिग्ध मामला
जांच के दौरान अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत भर्ती चार मरीजों से बातचीत कर उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली गई और मौके पर ही उनका समाधान कराया गया। इसी दौरान एक मरीज ICU में भर्ती मिला, जबकि उसकी हालत गंभीर नहीं थी और उसे ICU में रखने की आवश्यकता नहीं थी।
यह मरीज भी आयुष्मान योजना के अंतर्गत भर्ती था। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि योजना के तहत अधिक भुगतान प्राप्त करने के लिए मरीज को अनावश्यक रूप से ICU में भर्ती किया गया।
सीएमओ ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अस्पतालों को तय मानकों का पालन करना होगा, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


