सुप्रीम कोर्ट में तीखी नोकझोंक: अदानी-अंबानी का नाम लेते ही मुख्य न्यायाधीश सख्त
रिपोर्ट/राजेश सिंह
नई दिल्ली। Supreme Court of India में सोमवार को सुनवाई के दौरान उस समय माहौल गर्म हो गया जब मुख्य न्यायाधीश Surya Kant और वरिष्ठ अधिवक्ता Mathews J. Nedumpara के बीच तीखी बहस हो गई।
🔹 क्या है पूरा मामला?
सुनवाई के दौरान अधिवक्ता मैथ्यूज नेदुमपारा ने अदालत में आरोप लगाया कि “अदानी-अंबानी के लिए विशेष बेंचें बनाई जा रही हैं, लेकिन एनजेएसी (राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग) की चुनौती पर सुनवाई नहीं हो रही है।”
उनके इस कथन पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अदालत में पेश की जाने वाली बातों के प्रति सावधान रहें।
🔹 मुख्य न्यायाधीश की चेतावनी
मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट शब्दों में कहा—
“श्री नेदुमपारा, मेरी अदालत में जो कुछ भी पेश करें, उसके प्रति सावधान रहें। आपने मुझे चंडीगढ़ में देखा है, दिल्ली में देखा है… मैं आपको चेतावनी दे रहा हूं, सावधान रहें। यह न सोचें कि आप जैसा दुर्व्यवहार करते आ रहे हैं, वैसा ही करते रहेंगे। मैं आपको चेतावनी दे रहा हूँ।”
अदालत में इस टिप्पणी के बाद कुछ समय के लिए वातावरण गंभीर हो गया।
🔹 एनजेएसी पर लंबित सुनवाई का मुद्दा
नेदुमपारा ने यह भी सवाल उठाया कि राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) से जुड़े मामलों पर अब तक सुनवाई क्यों नहीं हो रही है। उनका कहना था कि यह मामला न्यायपालिका की पारदर्शिता से जुड़ा है और इस पर प्राथमिकता से विचार होना चाहिए।
🔹 अदालत की गरिमा पर जोर
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अदालत की कार्यवाही के दौरान अनावश्यक और आधारहीन टिप्पणियां स्वीकार नहीं की जाएंगी। उन्होंने अधिवक्ताओं को मर्यादा बनाए रखने की नसीहत दी।
निष्कर्ष
सुप्रीम कोर्ट में हुई यह तीखी बहस न्यायपालिका की कार्यप्रणाली और संवेदनशील मामलों की सुनवाई को लेकर चल रही बहस को एक बार फिर सुर्खियों में ले आई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि कार्यवाही के दौरान अनुशासन और सम्मान सर्वोपरि


