हनीट्रैप से लाखों की वसूली, दारोगा निकला मास्टरमाइंड
रिपोर्ट – राजेश सिंह
गजरौला (अमरोहा)। जिले में सामने आया यह मामला किसी क्राइम-थ्रिलर फिल्म की पटकथा से कम नहीं है। प्रॉपर्टी दिखाने के बहाने बड़े कारोबारियों को बुलाया जाता था और फिर एक सुनियोजित साजिश के तहत उन्हें हनीट्रैप में फंसाकर लाखों रुपये की वसूली की जाती थी।
🔹 ऐसे रची जाती थी साजिश
सूत्रों के मुताबिक, गिरोह की महिला सदस्य पहले प्रॉपर्टी देखने के बहाने कारोबारियों से संपर्क करती थी। तय स्थान पर पहुंचते ही अचानक शोर मचाया जाता—“बचाओ-बचाओ”—और कारोबारी पर दुष्कर्म का आरोप लगा दिया जाता। घबराए पीड़ित को समझने का मौका भी नहीं मिलता था कि तभी प्लान-B सक्रिय हो जाता।
🔹 प्लान-B : सिंघम स्टाइल में एंट्री
आरोप है कि एक दरोगा निजी कार से मौके पर पहुंचता, खुद को ‘मददगार’ बताकर पीड़ित को सुनसान जगह ले जाता और गिरफ्तारी व बदनामी का डर दिखाकर लाखों रुपये की वसूली करता। रकम मिलने के बाद कारोबारी को छोड़ दिया जाता।
🔹 इस बार दांव पड़ा उल्टा
इस बार गिरोह की चाल कामयाब नहीं हो सकी। पीड़ित कारोबारी ने हिम्मत दिखाते हुए सीधे पुलिस कप्तान से शिकायत कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी स्तर की जांच कराई गई, जिसमें पूरा हनीट्रैप–वसूली नेटवर्क बेनकाब हो गया।
🔹 पूछताछ में बड़ा खुलासा
जांच और पूछताछ में महिला समेत चार दलालों ने जिस नाम का खुलासा किया, वह चौंकाने वाला था। आरोपियों ने बताया कि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि दरोगा नितिन कुमार वर्मा है, जो हापुड़ के सिंभावली थाने में तैनात है।
🔹 गिरफ्तारी और कार्रवाई
पुलिस ने महिला सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं नामजद दरोगा के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है


