हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी देंगे चौथी बीवी को हर महीने ₹30,000 गुजारा भत्ता,
फिरोज खान भास्कर टुडे
मामला मध्यस्थता केंद्र भेजा गया
पत्नी रुमाना नदवी ने लगाई थी गुहार — बोलीं, शादी के बाद पता चला पहले से तीन बीवियां थीं; अब पांचवीं के साथ रह रहे सांसद
प्रयागराज/रामपुर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रामपुर से सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि नदवी अपनी चौथी पत्नी रुमाना नदवी को हर महीने ₹30,000 का गुजारा भत्ता दें। अदालत ने मामले को हाईकोर्ट के मध्यस्थता एवं सुलह केंद्र (Mediation and Conciliation Centre) भेजते हुए कहा कि दोनों पक्ष तीन महीने के भीतर आपसी सहमति से समाधान तलाशें।
हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश में साफ किया कि जब तक अंतिम फैसला नहीं आता, नदवी को नियमित रूप से हर महीने ₹30,000 का भुगतान करना होगा। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि सांसद 30 दिनों के भीतर ₹55,000 की राशि मध्यस्थता केंद्र में जमा करें जिसमें से ₹50,000 उनकी पत्नी को पहली पेशी के दिन दिए जाएंगे।
शादी के बाद खुला राज तीन बीवियां पहले से थीं, अब पांचवीं के साथ रह रहे सांसद
रुमाना नदवी ने बताया कि उनकी शादी 22 अक्टूबर 2012 को मोहिबुल्लाह नदवी से हुई थी। शादी के बाद उन्हें पता चला कि सांसद की पहले से तीन शादियां हो चुकी थीं — पहली पत्नी का निधन कैंसर से हुआ था, जबकि बाकी दो शादियों के बाद वह अब अपनी पांचवीं बीवी के साथ रह रहे हैं।
रुमाना ने 2020 में आगरा के सदर बाजार थाने में CRPC की धारा 127 के तहत भरण-पोषण का मुकदमा दायर किया था। आगरा फैमिली कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला दिया, लेकिन नदवी ने अप्रैल 2024 में उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी।
वकील ने कहा ‘मामला वैवाहिक विवाद का है’, कोर्ट ने कहा ‘पहले समाधान की कोशिश करें’
सांसद की ओर से वकील नरेंद्र कुमार पांडे ने दलील दी कि यह वैवाहिक विवाद है, और उनका मुवक्किल इसे सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाना चाहता है। उन्होंने अनुरोध किया कि मामला मध्यस्थता केंद्र भेजा जाए। नदवी ने अदालत में यह पेशकश भी की कि वे पहली पेशी के दिन ही ₹50,000 पत्नी को देने को तैयार हैं।
कोर्ट ने उनकी इस पेशकश को स्वीकार करते हुए कहा
“ऐसे पारिवारिक विवाद बातचीत से सुलझाए जा सकते हैं, इसलिए मध्यस्थता की पूरी संभावना है।”
अगर नहीं चुकाई रकम तो आदेश निरस्त
हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि मोहिबुल्लाह नदवी तय समय में राशि जमा नहीं करते या मासिक भुगतान में चूक करते हैं, तो यह अंतरिम राहत स्वतः निरस्त हो जाएगी। कोर्ट ने तीन महीने में मध्यस्थता केंद्र को रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
कौन हैं मोहिबुल्लाह नदवी?
पद: सपा सांसद, रामपुर
उम्र: 48 वर्ष
पेशा: नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट मस्जिद के इमाम
आय का स्रोत: कृषि
कुल संपत्ति: ₹45 लाख
शिक्षा:
रामपुर फुरकानिया मदरसा से हाफिज
दारुल उलूम नदवा लखनऊ से आलिम
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से इस्लामिक स्टडीज में डिप्लोमा
जामिया मिलिया इस्लामिया से बीए और एमए (इस्लामिक स्टडीज)
कुवैत से इस्लामिक स्टडीज कोर्स
अलफला यूनिवर्सिटी से बीएड
अब नजरें मध्यस्थता केंद्र की रिपोर्ट पर
अदालत ने साफ कर दिया है कि जब तक विवाद का समाधान नहीं निकलता, सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को हर महीने ₹30,000 गुजारा भत्ता देना ही होगा। अब सबकी निगाहें हाईकोर्ट के मध्यस्थता केंद्र की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो तीन महीने बाद अदालत में पेश की जाएगी।


