कुमाऊं के चर्चित धनंजय गिरी प्रकरण में बड़ा एक्शन

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कुमाऊं के चर्चित धनंजय गिरी प्रकरण में बड़ा एक्शन

जमानत खारिज, 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया आरोपी; बीएनएस की धारा 111 भी जोड़ी गई

रिपोर्ट राजेश सिंह 

कुमाऊं में चर्चित धनंजय गिरी प्रकरण में जांच एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी धनंजय गिरी की जमानत अर्जी खारिज करा दी है। अदालत ने आरोपी को 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश दिए हैं। मामले में अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111, जो संगठित अपराध से जुड़ी मानी जा रही है, भी शामिल कर दी गई है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि पुलिस इस पूरे मामले को गंभीर आर्थिक और संगठित अपराध के तौर पर देख रही है।

कुमाऊं आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि मामले की जांच को तेज कर दिया गया है और सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। धारा 111 जुड़ने के बाद अब जांच का दायरा और बढ़ गया है, जिसके तहत आर्थिक लेनदेन, नेटवर्क और संभावित सहयोगियों की भूमिका भी खंगाली जाएगी।

पीड़ितों में जगी न्याय की उम्मीद

धनंजय गिरी को पुलिस रिमांड पर भेजे जाने के बाद शिकायतकर्ताओं और पीड़ितों में न्याय की नई उम्मीद जगी है। पीड़ितों का कहना है कि वे लंबे समय से अलग-अलग अधिकारियों और विभागों के सामने अपनी शिकायतें रखते रहे, लेकिन समय पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से उनका भरोसा कमजोर पड़ने लगा था।

हालांकि, आईजी रिद्धिम अग्रवाल के हस्तक्षेप के बाद मामले में तेजी आई और जांच ने नया मोड़ ले लिया। सूत्रों के अनुसार, जांच में लापरवाही बरतने वाले कुछ अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है और उन्हें निलंबित किया गया है।

बैंक अधिकारियों की भूमिका पर भी उठे सवाल

शिकायतकर्ताओं ने इस पूरे प्रकरण में दो बड़े बैंकों के कुछ अधिकारियों की कथित भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। आरोप है कि बैंक स्तर पर मिलीभगत के चलते कोर्ट और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई। पीड़ितों का कहना है कि यदि समय रहते सही जानकारी सामने आती तो मामले का खुलासा पहले हो सकता था।

अब जांच एजेंसियां संबंधित बैंक अधिकारियों से भी पूछताछ की तैयारी में हैं। सूत्रों के मुताबिक आर्थिक दस्तावेजों, खातों और लेनदेन की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

प्रशासन का सख्त रुख

मामले में प्रशासन और पुलिस के सख्त रुख को देखते हुए पीड़ितों को उम्मीद है कि पूरे नेटवर्क का खुलासा होगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसियां अब इस प्रकरण को केवल एक व्यक्ति तक सीमित न मानकर व्यापक आर्थिक और संगठित अपराध के रूप में देख रही हैं।

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Author: Bhaskar News 24

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