भूसा कलेक्शन कांड में बड़ा एक्शन: नवाबगंज BEO मुख्यालय अटैच, BSA पर खुद को बचाने के आरोप

Picture of Bhaskar News 24

Bhaskar News 24

Share करें

✓ Link copy हो गया!

भूसा कलेक्शन कांड में बड़ा एक्शन: नवाबगंज BEO मुख्यालय अटैच, BSA पर खुद को बचाने के आरोप

सोशल मीडिया पर वायरल आदेश के बाद शिक्षा विभाग बैकफुट पर, BSA बोलीं- भूसा दान स्वैच्छिक था, किसी पर दबाव नहीं

बरेली में भूसा कलेक्शन कांड पर बड़ा प्रशासनिक एक्शन

रिपोर्ट राजेश सिंह 

बरेली में भूसा कलेक्शन को लेकर मचे विवाद के बाद आखिरकार बेसिक शिक्षा विभाग ने कार्रवाई कर दी है। विवादित आदेश जारी होने के बाद नवाबगंज के खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को तत्काल प्रभाव से मुख्यालय अटैच कर दिया गया है। हालांकि इस कार्रवाई के साथ ही बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) डॉ. विनीता पर खुद को बचाने के आरोप भी लगने लगे हैं।

दरअसल, कुछ दिन पहले नवाबगंज क्षेत्र के स्कूलों में गोवंश के लिए भूसा एकत्र करने से जुड़ा एक आदेश जारी हुआ था। आदेश में स्कूलों से भूसा दान कराने की बात कही गई थी। जैसे ही यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, शिक्षा विभाग की जमकर किरकिरी शुरू हो गई। लोगों ने सवाल उठाया कि शिक्षा विभाग का काम पढ़ाई कराना है या भूसा जुटाना।

विवाद बढ़ने के बाद बीएसए डॉ. विनीता हरकत में आईं। जांच के बाद उन्होंने आदेश को त्रुटिपूर्ण और अनुचित मानते हुए नवाबगंज BEO को जिम्मेदार ठहराया और उन्हें मुख्यालय से संबद्ध कर दिया। विभाग की ओर से जारी सफाई में कहा गया कि यह आदेश बीईओ स्तर से जारी किया गया था और इसमें उच्चाधिकारियों की कोई अनुमति नहीं थी।

हालांकि विभागीय सूत्रों का कहना है कि पूरे मामले में अब ठीकरा ABSA के सिर फोड़कर अधिकारियों ने खुद को बचाने की कोशिश की है। बीएसए कार्यालय की सफाई के बाद भी सवाल उठ रहे हैं कि बिना उच्च स्तर की जानकारी के ऐसा आदेश कैसे जारी हो गया।

बीएसए डॉ. विनीता ने अपने बयान में कहा कि भूसा संग्रह पूरी तरह स्वैच्छिक कार्य है। किसी भी शिक्षक, कर्मचारी या विद्यालय पर किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कहा कि गलत तरीके से जारी आदेश के कारण भ्रम की स्थिति पैदा हुई थी, जिसे अब स्पष्ट कर दिया गया है।

इस पूरे मामले के बाद शिक्षा विभाग बैकफुट पर दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर विभाग की लगातार आलोचना हो रही थी, जिसके बाद आनन-फानन में कार्रवाई की गई। अब विभाग ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में कोई भी आदेश जारी करने से पहले शासन की गाइडलाइन और नियमों का गंभीरता से अध्ययन करें ताकि ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो।

Bhaskar News 24
Author: Bhaskar News 24

Share करें

✓ Link copy हो गया!
सबसे ज्यादा पड़ गई