बरेली में नकली सोने की मोहरों से 25 लाख की ठगी का पर्दाफाश, राजस्थान के अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार

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बरेली में नकली सोने की मोहरों से 25 लाख की ठगी का पर्दाफाश, राजस्थान के अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार

किला पुलिस की बड़ी सफलता, 11 असली व 4 नकली मोहरें, फर्जी आधार कार्ड और जेवरात बरामद; भरोसा जीतकर सुनारों को बनाते थे शिकार

रिपोर्ट राजेश सिंह 

बरेली। थाना किला पुलिस ने सुनारों को नकली सोने की मोहरें देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए राजस्थान के तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी सिटी मानुष पारिक ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से सुनारों का विश्वास जीतकर योजनाबद्ध तरीके से ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे।

पुलिस ने 1 जुलाई 2026 को श्मशान भूमि फाटक के पास से भरतपुर निवासी महेंद्र और उसके बेटे सुरेश के साथ अलवर निवासी महिला साथी बब्ली उर्फ बब्बू को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 11 असली सोने की मोहरें, 4 नकली मोहरें, सोने-चांदी के जेवरात, तीन मोबाइल फोन, फर्जी आधार कार्ड, छह डायरियां और 10,550 रुपये नकद बरामद किए गए।

ऐसे जीतते थे सुनारों का भरोसा

एसपी सिटी ने बताया कि गिरोह बेहद शातिर तरीके से वारदात करता था। महेंद्र और बब्ली खुद को पति-पत्नी बताकर ज्वैलरी की दुकानों पर जाते थे। शुरुआती तीन-चार बार वे असली सोने की मोहरें गिरवी रखकर नकद रुपये और चांदी के जेवर लेते, जिससे दुकानदारों का उन पर भरोसा बन जाता। इसके बाद पांचवीं बार चांदी की मोहरों पर सोने की परत चढ़ाकर उन्हें असली बताकर गिरवी रख देते और लाखों रुपये लेकर फरार हो जाते। पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया जाता था, जबकि सुरेश और अन्य साथी दुकान के आसपास रेकी करते थे।

प्रकाश ज्वैलर्स से 20 लाख और जेवर ठगे

पुलिस जांच में सामने आया कि 9 मई 2026 को आरोपियों ने किला बाजार स्थित प्रकाश ज्वैलर्स को 190 ग्राम वजन की 19 नकली मोहरें देकर 20 लाख रुपये नकद, 432 ग्राम चांदी के जेवर और 10 ग्राम सोने की अंगूठी ठग ली थी। इसके अलावा बिथरी चैनपुर के नरियावल बाजार स्थित सूर्यांश ज्वैलर्स से भी सात नकली मोहरों के जरिए करीब पांच लाख रुपये और जेवरात की ठगी की गई थी। ठगी से मिले पैसों से ही आरोपियों ने बाद में 11 असली सोने की मोहरें खरीदी थीं।

सीसीटीवी और सर्विलांस से पुलिस पहुंची आरोपियों तक

प्रकाश ज्वैलर्स के संचालक विपिन कुमार रस्तोगी की तहरीर पर 5 जून 2026 को थाना किला में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सीडीआर और सर्विलांस की मदद से आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद मुकदमे में अन्य धाराएं भी बढ़ाई गई हैं।

व्यापारियों से पुलिस की अपील

एसपी सिटी मानुष पारिक ने सर्राफा व्यापारियों से अपील की कि किसी भी व्यक्ति से जेवर या सोने की मोहर गिरवी लेते समय उसकी पहचान और दस्तावेजों का पूरी तरह सत्यापन करें। बिना जांच-पड़ताल के फर्जी आईडी पर लेनदेन करने से बचें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों और अन्य राज्यों में की गई वारदातों की भी जांच की जा रही है।

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Author: Bhaskar News 24

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