ऑपरेशन Cy-वज्र के तहत बरेली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साइबर ठगी से जुड़े तीन आरोपी गिरफ्तार

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ऑपरेशन Cy-वज्र के तहत बरेली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साइबर ठगी से जुड़े तीन आरोपी गिरफ्तार

बरेली। उत्तर प्रदेश पुलिस के साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन Cy-वज्र’ के तहत बरेली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर सेल, साइबर थाना और जनपदीय थानों की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपियों के बैंक खातों का इस्तेमाल असम, कर्नाटक, केरल समेत विभिन्न राज्यों में हुई साइबर ठगी की रकम को ट्रांसफर और निकालने के लिए किया जा रहा था।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के खातों में साइबर अपराध से जुड़े 10 लाख रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन पाए गए। आरोपियों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिलने के बाद जांच शुरू की गई थी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।

गिरफ्तार आरोपियों में थाना कैंट क्षेत्र के गोकुल नगर नकटिया निवासी प्रशांत सिंह (22 वर्ष) और सदर बाजार निवासी विवेक जोशी (37 वर्ष) शामिल हैं। वहीं तीसरा आरोपी थाना बिथरी चैनपुर क्षेत्र के रजऊपरसपुर निवासी अंकुश शर्मा (31 वर्ष) है। पुलिस ने तीनों के कब्जे से मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच कर साइबर नेटवर्क के अन्य सदस्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी से प्राप्त रकम को विभिन्न राज्यों से अपने खातों में मंगाया और बाद में अलग-अलग माध्यमों से नकद निकालकर अन्य साथियों तक पहुंचाया। एक आरोपी ने रकम निकालने के बाद संबंधित बैंक खाता भी बंद कर दिया था।

पुलिस ने प्रशांत सिंह और विवेक जोशी के खिलाफ थाना कैंट तथा अंकुश शर्मा के खिलाफ थाना बिथरी चैनपुर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2), 318(4) एवं आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत मुकदमा दर्ज किया है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर पहले से कई साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस अब इनके अन्य साथियों और पूरे साइबर गिरोह की तलाश में जुटी है। बरेली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन लेनदेन या साइबर ठगी की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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Author: Bhaskar News 24

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