नाथ नगरी में गूंजा हर-हर महादेव, लाखों शिवभक्तों ने की सात नाथों की परिक्रमा; कछला से बरेली तक दिखा आस्था का सैलाब
बरेली। सावन के दूसरे सोमवार को नाथ नगरी बरेली पूरी तरह शिवभक्ति में डूबी नजर आई। भोर होते ही शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए शिवभक्तों की लंबी कतारें लग गईं। मंदिर परिसर से लेकर आसपास के इलाकों तक हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों की गूंज सुनाई देती रही। लाखों श्रद्धालुओं ने शहर के सातों नाथ मंदिरों की परिक्रमा कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया।
वहीं, गंगाजल लेकर कांवड़ियों के जत्थे लगातार बरेली पहुंचते रहे। कांवड़ियों की भारी संख्या के चलते कांवड़ मार्गों पर दिनभर आस्था का सैलाब नजर आया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने से यातायात प्रभावित हुआ और जाम के हालात भी बने।
कछला से बरेली तक भगवा रंग में रंगी सड़कें
बरेली पहुंचने वाले अधिकांश कांवड़ियों ने बदायूं के कछला गंगा घाट से गंगाजल उठाया। इसके अलावा हरिद्वार से भी बड़ी संख्या में कांवड़िए बरेली पहुंचे। कछला से बरेली तक जगह-जगह भगवा वस्त्रों में कांवड़ियों के जत्थे दिखाई दिए। हाथों में कांवड़ और जुबां पर भोलेनाथ का नाम लिए शिवभक्त अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे।
सातों नाथ मंदिरों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
बनखंडीनाथ, पशुपतिनाथ, बाबा अलखनाथ, त्रिवटीनाथ, धोपेश्वरनाथ, मढ़ीनाथ और तपेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए सुबह से ही हजारों श्रद्धालु पहुंचते रहे। मंदिरों के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं और भक्त अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। कई मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गईं।
जगह-जगह हुआ कांवड़ियों का स्वागत
गंगाजल लेकर बरेली पहुंचे कांवड़ियों का शहर में जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। सामाजिक संगठनों और विभिन्न संस्थाओं ने कांवड़ियों के लिए भोजन, पानी और विश्राम की व्यवस्था की। कई स्थानों पर कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया गया। सेवा और आस्था के इस संगम से शहर का माहौल पूरी तरह शिवमय नजर आया।
सुरक्षा और यातायात को लेकर प्रशासन अलर्ट
कांवड़ यात्रा को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। प्रमुख कांवड़ मार्गों, मंदिरों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस फोर्स तैनात रही। अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। कांवड़ियों के जत्थों की सुरक्षित आवाजाही के लिए शहर की कई सड़कों पर कट बंद किए गए और यातायात को नियंत्रित किया गया।
सावन के दूसरे सोमवार को बरेली में आस्था, भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। पूरा शहर भोलेनाथ के जयकारों से गूंजता रहा और नाथ नगरी की पहचान एक बार फिर शिवभक्ति के रंग में रंगी नजर आई।




